2109 किस्मत का निर्माण

आदमी का दूसरा जन्म कब
जब पहेला जन्म समाप्त हो
उसे पूर्नजन्म कहेते है ।
पहेले जन्म का स्वभाव,और
कर्मो का प्रभाव मतलब उस
का संस्कार साथा रहेता है ।
दूसरे जन्म कि किस्मत का
निर्माण इस जन्म में करना है ।
अभी तुम हो, वो तुम्हारे अगले
जन्म के कर्मो का नतीजा है,
जिसे तुम भूगत रहे हो ।
ईसलिए ईस जन्म में जैसे हो
और जैसे भी जीते हो वोही
आपे पूर्नजन्म कि किस्मत है ।
मतलब आप, अपनी किस्मत
के विधाता है । तुम्हे कर्मो कि
कलम में संस्कार कि साहि से
अपनी किस्मत लिखनी है ।
यह जीवन में क्या पाना है
क्या करना है वो लक्ष्य के
साथ दूसरा लक्ष्य है, दूसरे
जन्म कि किस्मत का निर्माण ।
मानव जीवन बहोत किंमती है
उसे अपने अच्छे गुणों से,
भावनाओ से, आदतों से और
अच्छे कर्मो से दिव्य बना के
दूसरे जन्म कि किस्मत का
निर्मण करना है ।
जीवन सिर्फ मौज मस्ती,एसो
आराम और अपने लिये हि
जीने के लिए नहि है, दूसरों के
लिए भी जीने का शीखना है ।
विनोद आनंद 21/07/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

2094 तुम दिव्य हो दिव्य बनो

तुम दिव्य हो क्यूँकि सभी
दिव्य परमात्मा के संतान है
ईसलिए तुम्हारा जीवन दिव्य
होना चाहिए, दिव्य बनो ।
दिव्यता के गुण प्रगट करो ।
सोच विचारों में दिव्य बनो ।
जो काम करो उस में शत
प्रतिशत दिव्याता लाओ ।
जहाँ भी जाओ वहाँ दिव्यता
प्रकाशित करो तो दूसरों को
दिव्य बनने कि प्रेरणा मीलेगी ।
दिव्यता से अलग होने का कभी
सोचना हि नहि वरना जीवन में
तकलीफें परेशानीयाँ बढेगी ।
दिव्यता स्वर्ग कि नीवं अगर
नींव कमजोर है तो नर्क का हि
निर्माण अवश्य होगा ।
दिव्यता चहेरे का तेज है जीवन
कि शान और महानता है ।
दिव्य जीवन कि कल्पना करो
स्वप्न देखो और साकार करो ।
दिव्य जीवन हि जिंदगी का लक्ष्य
होना चाहिए और लक्ष्य प्राप्त होने
से हि जीवन सफल, सार्थक,
प्रेरणादाई बनता है ।
विनोद आनंद 11/07/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

2087 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-98

🌹 महेनत कि मोमबत्ती
जीवन के अंधेरों को
मत कोसते रहीए यारों,
महेनत कि मोमबत्ती कि
जलेने कि देर है जीवन
के अंधेरे मीट जाएगे ।
🍁 बहानों से
बहानों से अपनी कमजोरी
मत छूपाओ बाहुओं के बल
पे अपनी कमजोरी को मीट
कर, नई उमीदों से स्वप्नो
को जगओ और साकर करो ।
🌻 किस्मत के ताले कि चाबी
किस्मत कर्मो से बनती है
कर्म महेनत से होता है ।
महेनत कि चाबी से, कर्मो
कि ताकात से खूलता है
किस्मत का ताला ।
किस्मत माता है तो
महेनत पिता है ।
🌹 बहेतर
समय, सहेद और संबंध
कि किंमत का लेबल नहि
होता । वास्तव में हाथ से
निकल जाने के बाद उस
कि किंमत समज आती है
बहेरत है कि उस के जाने
से पहेले किंमत समजले ।
जीवन धन्य बन जाएगा ।
विनोद आनंद 04/07/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

2075 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-96

🌹 प्रेम-विश्वास
प्रेम से ज्यादा हेमीयत है
विश्र्वास कि, क्यूँ कि हम
जिसे प्रेम करते, विश्र्वास
नहि करते । बीना विश्र्वास
प्रेम जैसे बीन खुसबू फूल ।
🌻 जीतने वाले
जीतने वाले क्या काम करते है ?
जीतने वाले वोहि काम करते है
जो हार ने वाले करते है मगर
काम अलग ढंग से करते है ।
जीतने वाले वो काम करने कि
आदत बना लेते है जो काम हार
ने वाले नहि करना चाहते ।
🍁 अभ्यास
अभ्यास से पूर्णता नहि आती
अभ्यास से जिस का अभ्यास
किया वो आदत स्थाई बनती है
अच्छी चीज़ो के अभ्यास से
पूर्णता आती है ।
🌺 सकारात्मता
सकारात्मता से सफलता नहि
मिलती वो तो सकारात्मता कर्म
और प्रयत्न से सफलता मिलती है
सकारात्मता से सफलता मीलने कि
शक्यता बढाती है ।
विनोद आनंद 26/06/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड