1230 शेर शायरीयों का गुलदस्ता 64

🌷चाँदसा चहेरा
चहेरा खुबसुरत है मगर
होंठो पे हसी नही है ।
मन खुबसुरत नही तो
होंठो पे हसी नही ।
मन कि खुबसुरती होंठो
पे हसी लाएगी, तो चाँदसा
चहेरा बिखेरेगा चांदनी ।
🍀स्वर्ग का निर्माण
अच्छा बदलाव से सफल जीवन ।
सफल जीवन से खुस शांति ।
खुस शांति से सार्थक जीवन,
और धरती स्वर्ग का निर्माण ।
🌺 शुक्रिया
बहोत शुक्रिया बडी महेरबानी
महेरबानीयों का शुक्रिया किजिए
और किसी पे महेरबानी किजिए
तो तुम्हे भी कहेगा कोई शुक्रिया ।
शुक्रिया,धन्यवाद,आभार से जीवन
को सुंदर और सुगंधीत बनाओ
विनोद आनंद 09/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1229 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-63

🌹 चुपकि
चुप रहेना कुछ न कहेना
जब बात बीगड जाए तो
तुम्हारी चुपकी से बात
नही बढेगी, मगर बात
बीगडने से बच जाएगी
या बात सुधर जाएगी ।
🌻 ईरादे
चुप रहेना है मुश्किल,
कोशिशें होती है
कामीयाब ।
ईरादे बनाती है
कामीयाब कोशिशें
🍀अहेसास
चुप रह के तो देखो
क्या गुल खिलाती है
चुपकि कांटो के बीच
रहे कर फूलो कि खुसबू
का अहेसास दिलाता है ।
🌺 अवसर
चुप रहेना हि रिश्तों
को सँवार शकते है,
एक दूसरे को समजने
का अवसर दे कर
शीखाता है रिश्तों को
निभाना और बढाना ।
विनोद आनंद 07/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1218 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-62

🌹 कोशिश
किस्मत में है वो मिलेगा
मगर जिंदगी में कोशिश
करना है क्यूँ कि क्या पता
किस्मत में लिखा हो कि
कोशिश से ही मिलेगा ।
किस्मत मौका और संयोग
देता है जो कोशिश से
हि प्राप्त हो शकता है ।
🌻 लाजवाब
खोना-पाने का सिलसिला
चलता रहेगा जिंदगी में
जो खोया है उसका ग़म
नहीं जो पाया है वह
किसी से कम नहीं ।
जो खोया है वो ख्वाब हैं,
पाया है वह है लाजवाब ।
💋लफ्ज़
लफ्ज़ गुलाम,आदमी का
जब तक होठों पे न आए ।
आदमी गुलाम हो जाता है
लफ्ज़ होठों पे आजाए ।
लफ्ज़ सोच समज कर
होठों पे लाना वरना
बाद में पस्ताना न पडे ।
लफ्ज़ों के गुलाम न बनो ।
🍀बोज
यात्रा में ज्यादा सामान के
बोज से मुश्केलियाँ बढ जाती है ।
मन पे विचारों का बोज से
तनाव बढ जाता है ।
जिंदगी दुर्गुणो का बोज
लगता है दुर्गुणो को कम
करोतो जिंदगी बोज नही बनेगी
कम सामन, सफल यात्रा ।
🍁 मरहम
जख्म को याद न करना
उसे रिश्ता न जोडना
बदले कि भावना न रखना
तो वक़्त मरहम बन जाएगा
वरना वक़्त का मरहम भी
काम नही आएगा और
जख्मऔर गहेरा होगा ।
विनोद आनंद 26/06/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1209 शेर शायरीयों का गुलदस्ते-61

🌻 एतबार रखना
मन मिले फूल खिले कोई बात नही
दिल मिले प्रेम खिले कोई बात नही
हाथ मिले तो खुद पे एतबार रखना
कि वासना कि चिनगारी न भडके
वरना जवानी और जिंदगी दोनों
जल के राख हो जाएगी फिर न
बचेगा मन न बचेगा दिल और
न बचेगी बांसूरी न बजेगा गीत
बचेगो तो बदनाबी और बरबादी ।
🌺 मकस्द
किस्मत से मिले है कुछ तो
मकस्द होगा खुदा का ।
बीन बादल बरसात न हो
बीन कारण मुलाकात न हो
मिलन का मकस्द जाने और
मकस्द को हि जिंदगी बनाले ।
🌹 सावधान
जवानी पागल घोडा है
जिंदगी जब सवार होती है
तब सँभल नही पाती फिर
मुशीबत लाती है ।
जवानी के पागल घोडे
को मन कि लगाम और
संस्कार कि चाबूक
रखनी पडती है हाथ में
वरना जिंदगी बदनाम
और बरबाद होने में
देर नही लगेगी, सावधान
जब जवानी के पागल
घोडे पे हो सँवार ।
विनोद आनंद 15/06/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1194 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-60

🌻उडाण
धरती पर बैठ के आकाश
क्या देखता है पाखो से उडकर
आकाश आंबने कि सोच ।
🌺भरोसा
दूसरों कि आशा लगाए बैठा है
पता नहीं कि…
दूसरों कि आश सदा निराश
कर खुद पर भरोसा तो
बनेगी बात ।
🌹मंझिल
बहेता रहेती है नदियों तो
समुद्र तक पहोच पाती है ।
चलते रहेगो तो रास्ता कटेगा
और मंझिल पास आएगी ।
मंझिल पास आनेका का
ईन्तजार करना बेवकूफी है ।
🌷चाह
किस्मत के भरोसे नहीं बैठना
पुरुषार्थ से किस्मत
सवाँर ने कि सोच तो हर
चाह पूरी होगी वरना हर
चाह स्वप्न बनजाएगी ।
विनोद आनंद 01/06/2018
फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

1183 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-59

🌹 सही सोच
ठान लो तो कोई
काम मुश्किल नहीं ।
मगर यह न सोचो कि
नामुनकीन है ।
क्यूँ तुम्हारी सोच ही
नामुनकीन बनाती है ।
सही सोच ही नामुनकीन
मुनकीन और मुश्किल
को आसान बनाती है ।
🌻 जुबा
जुबा बोलती है फिर भी
बेजुबा और बेजान है ।
उसमें जान फूकने वाला
ओर बुलवाने वाला कोई
ओर है, वो है आपका मन ।
मन पे काबू हो तो जुबा सही
बोलेगी अच्छा बोलेगी ।
🌺 ज़हरे
ज्यादा बोलना बकवास
ज्यादा खाने से बदहज़मी
ज्यादा निंद से आलस्य,
आलस्यसे निष्फलता ।
ज्यादा निंदा से झगडा
ज्याद ज़हेर बराबर ।
ज़हेर न धोलो जिंदगी में ।
विनोद आनंद 21/05/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

🌹 1163 शेर शायरीयों का गुलदस्ता

🌺 ईन्तज़ार
दुःख के बादल सुख के
सूरज को छूपा देते है ।
दुःख के बादल हटते है
सुख का सूरज फिर चमकेगा ।
सिर्फ जरूरी है आशा को
जगाए रखना कि दुःख के
बादल हट जाएगे, सुख का
सूरज फिर चमकेगा सब्र
करके ईन्तज़ार करना है ।
🌹 होसला
जब सुख सूरज चमके
जीवन में, बहेक न जना
खुशि के नसे में ।
होस में रहेना और
यह न भूलन जाना ।
कि गम के बादल फिर
न जाने कब जाएंगे, उस का
सामना करने कि हिमंत और
होसला बनाए रखना है ।
मजबूत रिश्तें
जब रिश्तों में ताल मेल
बीठाना आ गया तब
रिश्ते मजबूत होते है,
🌻 मजबूर नही ।
मजबूरी कुछ कर शकती है
रिश्तों को तोडने के मामले में ।
कभी भी मजबूर न बनीए
हाला कि मजबूत मन अच्छे
ईरादो और द्दढ निश्चिय से
रिश्तों को निभाना शिखना है ।
विनोदआनंद 02/05/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड