1713 कही सुनी बातें-3

* आप क्या हो, आप कहाँ हो,
आप के पास क्या है ईसे कुछ
फर्क नहि पडता । आप क्या
बनना चाहते हो कहाँ पहोंचना
चाहते है, क्या पाना चाहते हो
यह जानना बहुत जरूरी है ।
* जिंदगी में डर और एक्न दोनों में
से चुनाव करना है, तो क्या चुनोगे ?
जो चुनोगे वो मजबूत होगा ।
एक्नको चुनोगे, कामियाब मिलेगी ।
* आप कि हिंमत को यह न कहो
कि आप कि कमजोरीयाँ कितनी है,
कमजोरीयों को यह बताईए कि आप
कि हिंमत कितनी है ।
* खुद को ईतना काबील बना दो
कि सफलाता तुम्हारा ख्वाब देखे
तुम्हे पाने का ।
* अपनी सोच को ईतनी उची करदो
कि आसमान ख्वाब देखे तुम्हारी
सोच को पाने का ।
* अपनी महेनत में ईतना दम भरदो कि
किस्मत ख्वाब देखे तुम्हे पाने का ।
* अपने स्वप्नो में ईतनी जान भरदो कि
डर को भी डर लगे तुमसे टकराने का ।
* स्किल, एबीलीटी के अनुसार स्वप्न
नहि देखो, पहेले बडे स्वप्न देखो फिर
स्किल, एबीलीटी बढाना ।
* खुद पे विश्र्वास रखो और बीलीव करो ।
विनोद आनंद 01/09/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1705 ईज्जत कैसे पाओगे

ईज्जत हि ईन्सान कि
वो दौलत है जो जिंदगी में
सुख, शांति, चैन देती है ।
सभी हमारी ईज्जत करे
सबके दिल में हमे बसना
है तो हमे अपना व्यक्तित्व
निखारना है ।
कुछ बातों पे ध्यान देना है ।
* हमे खुद अपना स्वमान
रखना शीखना है । हम अपनी
गलत आदतें, व्यवहार, और
स्वभाव को बदलना होगा,
तो कोई हमारा अपमान नहि
करेगा लेकिन ईज्जत करेंगे ।
* हमे अपने आपको सब के
सामने अच्छी तरह से पेश
आना है । हमे अपने पहेरवेश
बातचीत,अभिनय और अपनी
अभिव्यक्ति को सुधारना है ।
तब सब हमारी ईज्जत करेंगे ।
* हमे बडा सपना देखना है
और उसे पाप्त करना है, तो
सब कि नजरों में हमारी
ईज्जत बढ जाएगी ।
* जिंदगी में हमेंशा ज्ञान
प्राप्त करना है, कुछ नया
शीख कर कुछ नया काम
करते रहेना है, तो सब कि
नजरों में ईज्जत बढ जाएगी ।
* आप सहि तरीके से बातचीत
करने कि कला शीखनी है तब
सब के दिलो पे राज़ करेंगे और
सब हमारी ईज्जत करेंगे ।
ईज्जत नहिं तो कुछ भी नहि
ईज्जत गई तो सब कुछ गया ।
इसलिए जीवन एसा जीओ कि
हमारी ईज्जत बढे कम न हो ।
विनोद आनंद 22/08/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1692 कही सुनी बातें

* अच्छे वक्त के लिए बूरे वक्त
का सामना करना पडता है ।
बुरे वक्त में शांत रहे और
अच्छे वक्त में समतुलीत रहे ।
* जिंदगी में कभी किसी को
बेकार मत समजना क्यूँ कि
बंध घडी भी दिन में दो बार
सहि समय बताती है ।
* दो बाते ईन्सान को अपनों से
दूर कर देती है एक तो उस
का अहंम और दूसरा वहेम ।
* परेशानी हालात से नहि गलत
खयालों से पैदा होती है एक शौख
बेमीशाल रखा करो हर हालत मे
होंठो पे मुस्कान हमेंशा रखा करो ।
* कभी हम गलत नहि होते
लेकिन वो शब्दें नहि होते
जिस से हम खुद को सहि
साबित कर शके ।
* अगर आप गलतियों से सबक
शिख लेते हो तो वो आप के
लिए सफलता कि सीडी है ।
* दुनाया नतीजा को पुरस्कार
देती है कोशिश को नहि ।
* कर्म के पास न कागज़ है न
किताब है लेकिन उस के पास
सारी दुनिया का हिसाब है ।
* ईन्सान अपनी गलतियों से
जीतना शिख जाय तो उसे
बहार कोई हरा नहि शकता ।
* दिल के सच्चे लोग भले अकेले
रह जाय लेकिन उस का साथ
कुदरत देती है ।
* जो मन कि बात नहि बता पाता उस
को हि क्रोध सब से अधिक आता है ।
* किसी के साथ टाईम पास करने के
लिए रिश्ता न रखे, रिश्ते को टाईम दे ।
* साफ साफ बोलने वाला कडवा जरूर
लगता है मगर धोखेबाज नहि होता ।
विनोद आनंद 11/08/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1691 सुनी कही बातें-1

* अगर नजरें हो मंझिल पे और
कदम हो राह पर तो एसी कोई
मंझिल नहि जो न मिले ।
* कभी डर के न जीए, विपरीत
परिस्थितियों में, कोई टूट जाता है
तो कोई रेकोर्ड टोडता है जो
परिस्थितियों से गभराता नहि ।
* किसी के सामने रोने से न ईज्जत मिलेगे,
न महोबत, अपना स्वमान गँवा नहि है ।
* खुद को किनारा न मिलेतो कोई बात
नहि, किसी को डुबाकर तैरना नहि है ।
* जिद्द चाहिए जीतने के लिए, हारने
के लिए तो एक डर है काफि है ।
* जितना बडे स्वपने होगें ईतनी ज्यादा
बाधाएँ होगी, जितनी ज्यादा बाधाएँ होगी
ईनती बडी सफलए होगी ।
* किसी के पैरों में गीर कर कामीयाबी
पाने से, अच्छा खुद के पैरों पे खडे होकर
कुछ बनने कि ठान ले ।
* एक सपना टूटने के बाद दूसरा सपना
देखना जिंदगी कहते है ।
* जीवन मे कोई परिस्थिति एसी नहि जिसे
में सुधार न कर शके, बुझी समा भी फिर से
जल शकती है, तूफानमें भी कस्ती भी निकल
शकती है परिस्थितियों से क्या गभराना ।
* होके मायुस न अपने ईरादे न बदल तेरी
किस्मत अपने हाथों भी बदल शकती है ।
* जिदगी से नाराज न हो क्या पता आप
जैसी जिंदगी दूसरों का सपना होती है
विनोद आनंद 10/08/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1667 सफलता कि तीन चाबी

जिंदगी का मक्सद है सफलता
कोई भी कारण हो सफलता का,
तीन लोग है तो सफलता मिलेगी ।
सफल व्यक्ति के जीवन तीनों लोगों
का होना आवश्य होता हि है ।
1) सब से पहेले गुरू जो सहि
समय पर सहि तरीके से भूल
को सुधारते है और सहि राह
दिखाते है । स्वामी विवेकानंद
का गुरू राम किष्णा परमहंस,
और शिवाजी के गुरू राम दास ।
जीवनमें गुरू होना जरूरी है ।
2) दूसरा गाईडींग लाईट, जीवीत
हो या न हो लेकिन आंख बंध करे
तो मार्गदर्शन मिलता है, वो चाहे
ईश्र्वर हो या कोई प्रेरक सफलता
के लिए प्रोत्साहित करता है ।
3) तीसरा है तुम्हारे जीवन यानी
समय का हिसाब रखने वाला,
आपे लक्ष्य पे नजर रखने वाला,
और समय पर आप को सलाह
सुचना देने वाला तुम्हारी सफलता
के लिए प्रयत्न करने वाला तुम्हारा
सलाहाकार और सच्चा दोस्त ।
तीनों लोगों का संयोग-संगम हि
है सफलता कि चाबक ।
विनोद आनंद 16/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1639 दस्तुर है कुदरत का

किसी को बेईज्जत करने से
ईज्जत कौन करेगा, ईन्सान
तो क्या भगवान भी ईज्जत
नहि करेगा । बेईज्जती से
ईज्जत नहि खरीद शकते ।
किसी का अपमान करके मान
पाने कि उमीद रखना मूर्खता है ।
किसी को दुःखी करके खुशी
का इन्तज़ार करना व्यर्थ है ।
किसी कि मुश्केली बढाकर
आराम या चैन कि चाहत
रखना बेवकूफि है । किसी का
बुरा करके अच्छा दोस्त पाने
का स्वप्ना देखना स्वप्न हि है ।
हर वक्त गुस्सा और नफरत का
सामान बांटने से प्रेम या शांति
नहि मील शकती ध्यान रखे ।
किस को धोखा देकर अपनों
से मुँह फेर लेने से अपनापन
नहि मिल शकता है । यह सब
नग्न बातें कहेती है कि जो
चाहिए वो हि देते रहो तो मन
चाहि चीजें मिलती हि रहेगी,
वरना तरसते रहोगे जिंदगी भर ।
पेड बबुल का लगाकर आम
कहाँ से खाओगे । जो दोगे वो
मिलेगा, दस्तुर है कुदरत का ।
विनोद आनंद 20/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1634 ईसलिए

एक गलत कदम का
परिणाम क्या होगा
सोच नहि शकते ।
फिर बाद में पस्ताने से
क्या फायदा ईसलिए
पहेला कदम सोच
समज कर बढाओगे तो
पस्ताना नहि पडेगा ।
एक गलत सोच जब भी
कर्म में परिवर्तित होगी
गलत कर्म हि करेगी,
ईसलिए गलत सोच
को तुरंत डफना दो तो
हि गलत कर्म से बचोगे ।
एक गलत शब्द किसी के
दिल के टूकडे टूकडे करदे
फिर रिश्तें बीखर जाए,
ईसलिए गलत शब्दो बोलने
वाली जुबा को दांतो तले
दबाकर रिश्तों को बचालो ।
एक गलत आदत जिंदगी को
कठीन बना देगी, ईसलिए गलत
आदतो से पीछा छूडाकर हि
जिंदगी आसान बना शकते हो ।
एक गलत निर्णय जिंदगी का
रूख बदल शकती है ईसलिए
सोच समजकर निर्णय लेना ।
एक गलती सज़ा बन कर
परेशान करेगी ईसलिए
गलती कि माफि मागकर,
सुधारकर परेशानी से बचो ।
हर एक गलत सोच, निर्णय
शब्द,आदत,गलती से दूर रह
कर जिंदगी को सँवार लो ।
विनोद आनंद 16/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड