1660 जीने का सहि तरीका

जीवन में कोई भी कमी
होगी तो चलेगा लेकिन
थोडी सी कमी प्रेम कि
सहन नहि कर शकेगें ।
जीवन कोई भी चीज़ टूटे
मन को समझा शकते है
लेकिन अगर दिल टूटे तो
मन को नहि समझा शकेगें ।
जीवन में कुछ खो जाए तो
ढूँढ लेगे लेकिन मन खो जाए
तो मन को नहि ढूँढ शकेगें ।
जीवन मे कोई भी रूढ जाए
तो मना शकेगे मगर अपनों
को नहि मना शकेगें।
जीवन में एक दिन खाना नहि
मिले तो चलेगा लेकिन पानी
बीना एक दिन भी नहि चले ।
जीवन में जो गौण है उसे के
बीना जी शकते है लेकिन
जो जरूरी है और आवश्य है
उसे बीना जीना मुश्किल है ।
जीवन में जरूरी-आवश्य और
बीन जरूरी- बीन आवश्य कि
समझ आए तो समझलो कि
जीने का सहि तरीका आगया ।
विनोद आनंद 10/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1656 विश्र्वसनीय बनो

विश्र्वसनीय बनोगे तो सब
भरोशा करेगा वरना कोई
विश्र्वास नहि करेगा ।
परिवार और समाज में एक
दूसरे पर भरोशा जरूरी है ।
भरोशा है पंख, रिश्तों कि ।
जैसे बीन पंख, पंखी उड न
शके, एसै बीन भरोशे मानवी
जीवन जी न शके और रिश्तें
टीक न शके ।
परिवार और समाज में एसा
व्यवहार मत करो, जैसे कि
झूठ बोलना, बहाने बना, सीधी
बात न करना, कहे वो न करना,
वचन न निभाना, कोई काम ढंसे
न करना और पैसे उघार ले के
न लौटाना ईत्यादि, जिसे कोई
आप का विश्वास न करे । आप
के साथ रिश्ता न रखे, कोई भी
आप कि मदद न करे ।
परिवार-समाज में रहेते हुए, आप
अकेले न हो जाओ । जीवन का
उदेश्य हि हो विश्र्वसनीय बनना तो
जीवन सफल, सार्थक समृध्ध बने ।
लोगों का विश्र्वास जीतना है तो
समजलो जग जीत लिया क्यूँकि जग
में विश्वास का हि सिक्का चलता है
अविश्वास का नहि ।
विनोद आनंद 07/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1654 सुंदरता किस में है ?

सुंदरता किस में है ?
सुंदरता सुगंधीत फूलों में है ।
सुंदरता प्रकृति में और
दुनिया बनाने वाले में है ।
सुंदरता मानवता में है ।
सुंदरता मुस्कान में है ।
सुंदरता आबरू और
प्रभाव में है ।
सुदरता सद् गुणों में
और सद् आचरण में है ।
सद् गुणों से और सद्
आचरण से खुद को सुंदर
बनाओ ।
सुंदरता हर सुंदर चीजों
में छूपी नज़र आती है ।
कहेवत है कि सुंदरता पाने
से पहेले सुंदर बनना पडेगा ।
हर एक सुंदर चीज़, सुंदर
चीज़ को आकर्षित करती है ।
सुंदर बन के सुंदरता से रिश्ता
जोडो तो जीवन बने सुंदर ।
सुंदर जीवन सफल जीवन ।
तन कि और मन कि सुंदरता
हि है जीवन कि सुंदरता ।
विनोद आनंद 06/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1649 तो समस्या

नाँव पानी में चलती है तो ठीक है,
पानी नाँव में आए तो समस्या ।
संसार में मन लग गया तो ठीक है
मन में संसार आए तो समस्या ।
किसी का सन्मान करो तो ठीक है,
किसी का अपमान हो तो समस्या ।
बातों बातों में किसा मझाक हो ठीक है,
जानबुझकर मझाक करो तो समस्या ।
कुरूपता किसी को नापसंद है, ठीक है,
सुंदरता मानव को फँसाए तो समस्या ।
रिस्तें से जीवन मधूर और आ आसान है,
कोई रिस्तेदार धोखा दे तो समस्या ।
विश्र्वास बीना जीवन न चले ठीक है,
विश्र्वास का फायदा उठाना है समस्या ।
पैसा जीवन कि जूरूरत है, ठीक है
पैसा को सब कुछ समझा, तो समस्या ।
कोई मानवी पूर्ण ज्ञानी नहि है, ठीक है,
आधा मटका ज्यादा शोर करे तो समस्या ।
समस्याएँ जीवन में आए वो ठीक है,
समस्या को समस्या समझ तो समस्या
समस्या का समधान हि है उसका सहि
निवाराण हि ठीक है ।
विनोद आनंद 30/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1647 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-90

🌻 गलती
आँख बंध करके चलोगे
तो गीर जाओगे, गीरना
गलती नहि है, आँख बंध
करके चलना और गीर
कर फिर न उठना ।
🌹 विश्र्वास
विश्र्वास करना बूरा नहि,
किसी कि मीठी मीठी
बातों से प्रभावीत होकर
बीना सोचे विश्र्वास
करना सही नहि है ।
सोच समजकर विश्र्वास
करना मगर आँख बंध
करके नहि ।
🌺 बातों से जीवन
कुछ बातें सुनाता हूँ मैं
जो जरूरी है तुम्हारे लिए,
ध्यान से सुनना, मन से
दिमाग में और दिल से रोम
रोम में उतारना फिर देखना,
कितन किंमती है मेरी बातें ।
बातों से बात बनती है, बात
बनने से काम बनता है और
काम से जीवन बनता है ।
विनोद आनंद 30/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1561 दाम्पत्य जीवन में सुख शांति-2

दाम्पत्य जीवनमें सुख शांति का ।
ओर उपाया,समज और शीख ।
* अपने हक या दूसरो के कर्तव्य
पर ज्यादा ध्यान देते है ।
सिर्फ हमे अपने कर्तव्य या दूसरे
के हक पर ज्यादा ध्यान देना है ।
* पति पत्नि जीवन रथ के दो पहिए
जैसे है, दोनों के साथ, सहकार और
सहयोग से रथ सुख शांति से चलेगा ।
* दाम्पत्य जीवन में प्रेम,समर्पण और
सेवा का त्रिवेणी संगम होना जरूरी है ।
* पति पत्नि एक दूसरों को जाने,समझे,
और भावनाओ कि करद करना शीखे ।
* दोनों के बीच गेर समझ न हो और
विश्वास का माहोल बना रहे ।
* दोनों एक दूसरों कि भूल या गलती
या फरियाद न करे लेकिन एक दूसरे
कि भूल हो तो माफ कर दे और
खूबीयो को देखे और सराहना करे ।
* पति पत्नि के साथ कई नए रिश्तें
बन जाते है सभी का मान सन्मान
करना और निभाने से हि दाम्पत्य
जीवन में सुख शांति आशकती है ।
* परिवार में धीरज सहन शीलता,
सही व्यवहार से, मेल जूलकर रहने
से परिवार में सुख शांति आशकती है ।
दाम्पत्य जीवन में सुख शांति हि
परिवार कि सुख शांति का बीज है ।
विनोद आनंद 07/04/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1560 दाम्पत्य जीवनमें सुख शांति-1

हर एक पति पत्नि चाहते है,
दाम्पत्य जीवन में सुख शांति ।
कहते है चाहने से सब कुछ
नहि मिलता लेकिन दाम्पत्य
जीवन में चाहने से सुख शांति
अवश्य मिल शकती है । कैसे ?
* पहेले तो चाहत हो बहुत तीव्र
और गहेरी और हो पाने कि पूर्व,
पूर्ण तैयारी कुछ भी करने कि ।
* दूसरी पति पत्नि का मतलब,
उसकी गरीमा और अपना अपना
कर्तव्य समज ने कि तैयारी हो ।
* हर कन्या चाहती है अच्छा पति
मगर नहि चाहती बनना अच्छी पत्नि ।
* हर कुमार चाहता है अच्छी पत्नि
मगर नहि चाहता बनना अच्छा पति।
* अच्छा पति-पत्नि कि तलाश है कठीन
अच्छा पति- पत्नि बनना है आसान ।
दाम्पत्य जीवन में सुख शांति का यह है
पहेला उपाय, समज और शीख ।
शर्त है तैयारी करनी है शादी से पहेले ।
* एक ओर तैयारी करनी है, व्यक्तित्व
विकास कि शादी से पहेले ।
ओर भी है बाकि उपाय, समज,शीख
पढे दाम्पत्य जीवन में सुख शांति-2
विनोद आनंद 06/04/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड