1815 सहि तरिका जीने का

खुशी खुशी जी लो जीवन,
तेरी बन जाएगी किस्मत ।
हसी हसी करलो बात,
रिश्तें सब जाएंगे सुधर।
पल पल में जीना शीखलो
तो जीवन सँवर जाएगा ।
घीरे घीरे करलो काम तो
काम हो जाएगा अच्छा ।
राजी राजी करो लो काम
मिलेगी सफलता ।
कम कम खाना खा लो तो,
शरीर बन जाएगा स्वस्थ ।
छोटे छोटे कदम चलोगे तो
एक दिन मिल जाएगी मंजिल ।
थोडा थोडा रोज करलो सुधार,
तो एक दिन ईन्सान बन जाएगे ।
रोज रोज घर कि सफाई कर लो
घर बन जाएगा सुंदर।
सहि तरिके से जीवन जीओगे तो
जीवन बन जाएगा आसान/सफल ।
विनोद आनंद 06/12/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1808 खुबसुरत जिंदगी

जिंदगी बहुत खुबसुरत है
उसे बदसुरत मत बनाना ।
अनमोल मानव जन्म मिला,
खुबसुरत प्रकृति और नजारें,
जिंदगी को खुबसुरत बनाना ।
मानव के पास शक्तिशाली मन
पांच ज्ञानेन्द्रियाँ से ज्ञान प्राप्ति,
कर्मेन्द्रियाँ से काम करने कि
क्षमता, तुम्हे श्रेष्ठ बना शकती है ।
जिंदगी को खुबसुरत बनाने कि
चाहत,खुबसुरत अभिगम जिंदगी
को खुबसुरत बना शकती है ।
यह नहितो जिंदगीकि खुबसुरती
का मझा नहि लूट शकते ।
जैसी द्रष्टि ऐसी जिंदगी,
जैसी सोच एसी जिंदगी,
जैसा कर्म एसी जिंदगी ।
अच्छि सोच, सकारात्मक
द्रष्टि और सत्कर्म से जिंदगी
को सँवारना तो जिंदगी कि
खुबसुती नजर आएगी ।
विनोद आनंद 29/11/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1774 आदर्श जीवन बन जाएगा

हसते हसते जी लो जीवन,
तुम्हारा जीवन खुशियों से
भर जाएगा ।
खुशी खुशी जी लो जीवन,
तुम्हारा जीवन बदल जाएगा ।
भुला भुला के भूतकाल जी लो
जीवन,वर्तमानमें जीना आजाएगा ।
छोड के चिंता भविष्य कि जी लो
जीवन,तुम्हारा जीवन सँवर जाएगा ।
गलत आदतें छोड के जी लो जीवन
तुम्हारा जीवन सुधर जाएगा ।
नकारात्मक सोच बदल के जी लो,
जीवन सकारात्मक बन जएगा ।
दुर्भावनाएँ बदल के जी लो जीवन
तुम्हारा जीवन सुंदर बन जाएगा ।
अच्छे कर्म करके जी लो जीवन,
तुम्हारा नसीब बदल जाएगा ।
साथ सहकार से जी लो जीवन,
जीवन अदभूत बन जाएगा ।l
छोड कर चिंता जी लो जीवन,
तुम्हारा जीवन सुख शांति से
भर जाएगा ।
मन को नया बना के और ह्रदय
परिवर्तन करके जी लो जीवन, तो
तो जीवन आदर्श बन जाएगा ।
विनोद आनंद 01/11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1771 गीफ्ट जिंदगी को दो

कभी आपने अपने आप
को कोई गीफ्ट दिया है ।
जिंदगी ईश्र्वर कि गीफ्ट है ।
हमे जिंदगी को सुख शाति,
आनंद और अच्छे स्वास्थ
कि गीफ्ट देनी पडेगी ।
जिंदगी तुम्हारे कर्मो कि
रीर्टन गीफ्ट है । जिंदगी को
10 आसान गीफ्ट देना है ।
* करसत या चलने कि आदत से
अच्छे आरोग्य कि गीफ्ट ।
* दिन में अच्छे हेल्थी ब्रेकफास्ट,
लंच,और डीनर नियत समय से
अच्छे स्वास्थ कि गीफ्ट ।
* शरीर को दिन भर पानी कि
आवश्यकता है जब प्यास लगे
पानी पी लिजीए आलस न करो ।
पानी बैठ के पीना ।
* काम के बीच 15 मिनिट मन
पसंद गाना या गप्पे लडाओ जिसे
मन खुस और फ्रेश हो जाए ।
* किसी भी बात कि अति न करे
क्यूँकि अति सर्वत्र व्रजेत ।
* सकारात्मक सोच और बातों
का किंमती गीफ्ट दो जिंदगी को ।
* निरधारित समय पे 6 से 7 घंटे
कि निंद लेना, न कम न ज्यादा ।
* ईश्र्वर कि प्रार्थना और पूजा
श्रध्धा और विश्र्वास से करे ।
* ध्यान, प्राणायाम, मेडीटेसन
को भी समय देना ।
नये साल में यह सब 10 गीफ्ट
जिंदगी को दोगे तो तन, मन
स्वस्थ रहेगा, तो सुख, शांति,
और नया जीवन पाओगे ।
विनोद आनंद 26/10/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1754 जीवन के प्रकार

साधारण या असाधरण जीवन
उपयोगी या बीनउपयोगी जीवन ।
व्यस्थ या व्यर्थ जीवन ।
व्यग्र या अस्तव्यस्थ,जीवन
सुख – शांति या दुःखी – अशांति
युक्त जीवन ।
यादगार या महान जीवन ।
तनाव चिंता युक्त या तनाव
चिंता मुक्त जीवन ।
उदेश्य या आयोजन युक्त जीवन ।
उदेश्य या आयोजन हीन जीवन ।
प्रेरणादाई या ऐतिहासिक जीवन ।
परिश्रम या आलसी जीवन ।
अमूल्य या शून्य जीवन ।
विविध प्रकार के जीवन होते है ।
आप जैसा चाहो एसा जीवन
बना शकते हो ।
अगर आप अपना जीवन कैसे
जीना है वो पसंद नहि करोगे तो
अस्थ व्यस्थ,व्यर्थ,व्यग्र,बीन
उपयोगी साधारण जीवन बनेगा ।
जीवन ईश्र्वर कि अद्भूत बक्षिश है,
दिव्य बनाकर ईश्र्वरके चरणोंमें
अर्पीत करके आत्मा कल्याण करना है।
विनोद आनंद 12/10/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1723 रिश्तों को कैसे निभाओगे ?

रिश्तों को कैसे निभाओगे ?
रिश्तें बनते है और बिगते है
क्यूँ कि हम निभाते नहि, हम
रिश्तों कि कद्र नहि करते,
रिश्तों कि हेमीयत नहि जानते,
रिश्तों का ईस्तमाल करते है ।
रश्तें में अधिकार मागते है,
अपना कर्तव्य नहि करते ।
हम रिस्तों में शुकरियाँ नहि,
करते मगर शिकायत करते है,
और रिश्तें निभाना नहि पाते ।
उम्र गुजर जाती है,मगर रिश्तें
कमजोर रहते है क्यूँ कि हमे
रिश्तें निभाना नहि शकते ।
रिश्तों में शुकरियाँ करे और
कर्तव्य करो और रिश्ते को
मजबूत बनाओ । रिश्तें को
समर्पण,प्रेम से निभाना है ।
रिश्तों को निभाना है तो सहन
और समज शक्ति कि जरूरी है
रिश्तें निभाना आ गया तो
समजो जीना आ गया ।
जीवन कल्प वृक्ष है और
रिश्तें उस कि जडे है उसे
मजबूत बनाओगे तो उस
पर सुख, शांति, समृद्धि के
मीठे फल आएगे और जो
ईच्छा करोगे पूर्ण होगी ।
विनोद आनंद 10/09/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1698 गुस्सा का विज्ञान-2

गुस्सा खुद को, दूसरे को
सुधारने के लिए, अन्याय के
खिलाफ, किसी के कल्याण
कि खातिर करना चाहिए ।
यह गुस्से का सकारात्मक
पहेलु है । एक ओर पहेलू
है कि अगर कोई आपका
किसी कारण से अपमान
करे तो उस के बदले में
तुरंत गुस्सा नहि करके वो
गुस्से को जिंदा रखके जिस
वज़ह से अपमान किया है
उस वज़ह को हि दूर कर
के मुह तोड जवाब देना है ।
गुस्से का नकारात्मक ढंग
से बढावा नहि देना है, जो
किसी के लिए अच्छा नहि ।
कोई गुस्सा करे तो आप
खुद पे नियंत्रण करके चुप
रहे और उस के प्रति क्षमा
का भाव प्रगट करे तो उस
का गुस्सा शांत हो जाएगा ।
किसी भी वज़ह से अगर
गुस्सा करना है तो होश
में रह कर गुस्सा करो,
लेकिन उस का रेगुलेटर
आप के पास रखो और
बात बढने से पहेले गुस्से
को शांत करना जरूरी है ।
गुस्से तन और मन पर भी
बहुत बुरा अशर होता है ।
संबंध बिगते है और संबंध
बिगडने से जीवन बिगडता है ।
गुस्सा वो ज्वालामूखी है,जो
सब कुछ जला के राख कर
देता है जिंदा रहते है मगर
जिंदगी छिन लेता है । अगर
आप उस के शिकार है तो
आप शिकारी बन के उस
का शिकार करके जीवन
को सुख शांति से भर दो ।
विनोद आनंद 16/08/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड