1053 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-51

🌹 वरना
आज नही तो कल,कल नही परसो,
परसो नही तो नरसो,नरसो नही तो
कभी भी सफलता कदम चूमेगी ।
मगर शर्त है कि, उमीद न छोडना,
निराश न होना,हिंमत न हार ना,
न कोशीश छोडना, वरना सफलता
छूट जाएगी और जिंदगी रूढ जाएगी ।
🌻उठने कि देर है ।
आशा नी कस्ती न डुबाया करो,
निराशा में खुद को न डुबोया करो ।
मजबुत इरादे मंझिल तक ले जाएगे,
कमजोरी को गले लगाया न करो ।
नाकामियाबी से मायुस न हो तुम,
नाकामियाबी के पीछे ही खडी है
कामियाबी, बस उठने कि देर है ।
🌺 गौर न करना
सुनो सब कि करो दिल कि
लोग तो कमीया निकालेगें
कमीया निकालने वाले कि
कमी नही वो तो साधु संतो में
भी कमीया निकालेगें ।
उस पर गौर न करना ।
विनोद आनंद 27/01/2018
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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1050 मर के भी जिंदा रहेना है ।

मरते दम तक जिंदा रहो और
जीते रहो एसे कि मरने के बाद
भी जिंदा रहो लोगो के दिल में
जिसे मौत भी न निकाल शके ।
सभी जब तुम्हारा कर्म दिखेगा
तो तुम्हारी तस्वीर भी दिखेगी
और तुम जिंदा रहोगे तस्वीर में ।
सभी जब तुम्हारा अच्छा स्वभाव
याद करेंगे तो तुम उन कि यादो में
जिंदा रहोगे सदा प्रेरणा बनके ।
तुम्हारा दिया हुआ साथ भी
उनको याद आएगा और तुम
उन के जीवन का हिस्सा बन
कर उन के मन में रहोगे जिंदा ।
तुम आए थे रोते हुए, हसते थे
कुछ ईसी करनी कर चलो कि
तुम जाओ, तो भी रहो जिंदा ।
तुम्हारी निसानीयाँ बोलेगी तो
तुम्ह जिवीत हो यह अहेसास
दिलाती रहेगी सभी को हर वक्त ।
मरते दम तक एसे जीओ कि
मरने के बाद भी मरो नही ।
विनोद आनंद 26/01/2018
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

1038 दर्पण

दर्पण जूठ्ठ न बोले

सच्चाई का प्रतिक 

सँवार ने का साधन ।

जो जैसे हो एसा दिखाए

वो दर्पण कहेलाए ।

दर्पण पे धूल है तो चहेरा

धूंधला दिखता है । 

धूल को साफ करो तो

चहेरा साफ नज़र आए ।

मन भी एक दर्पण है जिस 

पर बूरे विचारों कि धूल से

अच्छे विचारो कि तस्वीर 

मन के दर्पण में नही दिखती ।

दिल भी एक दर्पण है जिस 

पर बूरी भावनाओं कि धूल से

अच्छी भावनाओं कि तस्वीर 

दिल के दर्पण में नही दिखती ।

जीवन भी एक दर्पण है जिस 

पर खराब कर्मो कि धूल से

अच्छे कर्मो कि तस्वीर 

जीवन के दर्पण में नही दिखती ।

दर्पण को साफ रखोगे तो 

सभी तस्वीरें अच्छी दिखेगी ।

विनोद आनंद                             15/01/2018        फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड 

956 💐शेर शायरीयों का गुलदस्ता-45

🌹दिल या दिमाग 

कैसे बताए दिल का 

हाल किसी को ? 

सब सोचते है दिमाग से ।

कब दिल से और कब 

दिमाग से सोचना यह 

अंदाज होना जरूरी है ।

वरना गरबड हो जाएगी ।

👄 न होगा गलत

रोको जूबा को गलत बोलने से

वरना गज़ब हो जाएगा ।

सोचो जूबा बोल देने से पहेले

अगर है गलत तो रोकलो ।

तो कभी भी नहीं होगा गलत ।

🌹 कम नही है

हसता हुआ चहेरा किसी 

खिले हुए गुलाब से कम नही है ।

व्यक्ति में सद् गुणो कि सुवास

गुलाब कि खुशबू से कम नही है ।

रोता हुआ चहेरा किसी 

मुरझाए हुए फूल से कम नही है ।

व्यक्ति में दुर्गणो कि दुर्गंध

गटर कि दुर्गंध से कम नही है ।

💥कोशिश

उस का कमीज मेरी कमीज से

सफेद कैसे ? सोच के अपनी

कमीज को सफेद करने कि

मानवी कोशिश करता है ।

लेकिन उस के जीवन में 

मेरे जीवन के सद् गुणो से

ज्यादा कैसे  ? सोच कर

सद् गुणो बढाने कि मानवी

नहीं करता कोशिश ।

विनोद आनंद                               30/10/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

955 दिल से न लगाना

अपनों के कडवे बचन को

दिलसे मत लगाना ।

कडवे बचन के रहस्य को 

जानने कि कोशिश करो ।

शायद कडवे बचन में 

करेला का गुण हो ।

अगर एसा नही है तो भी

बातों को दिल से न लगान 

क्योंकि,बात दिल से लगाने से

दिल में बैठ जाती है और फिर

लाख कोशिश करने पर भी

दिल से नही जाती और

मन को परेशान करती है ।

दिल में उस के प्रति नफरत

हो जाती है और बदले कि

भावना जन्म लेती है ।

धीरे धीरे रिश्तों में दरार और

फिर दरार, दिवार बन जाती है ।

जिंदगी दूसवार हो जाएगी ।

ईसलिए किसी कि, किसी भी 

बात को दिलसे लगाने से 

पहेले सोचना जरूरी होता है ।

किसी कि अच्छी बातों को ही

दिलसे लगाना दिल में बीठाना ।

बूरी बातों को न दिल से और 

न मन से लगाना, तो जीवन में 

हमेंशा होगा शुभ और मंगल ।

विनोद आनंद                               28/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

854 💐 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-38

🍭ईरादो

उन ईरादो को हवा न दो जो

जिंदगी को रूसवा करदें ।

उन ईरादो को ही हवा दो जो

जिंदगी को रोशन करदें ।

ईरादे मजबूत हो तो 

कामीयाब होते है वरना

ईरादे दम तोड देते है ।

अच्छे ईरादो से जिंदगी 

सँवरती है वरना बोज

बन जाती है जिंदगी । 

🎯 मंझिल

मायुस न हो अगर 

मंझिल न मिले ।

मंझिलें कई है, 

मंझिले बदलो मगर 

ईरादा न बदलो ।

जिंदगी का मकसद ही है

मंझिले सर करना ।

🌻 नही लगता

अच्छा नही लगता, 

जब टूटते है सपने ।

जी नही लगता, 

जब रूढते है अपने ।

दिल नही लगता, 

जब टूटते है दिल ।

मन नही लगता, 

अपनो की जूदाई में ।

नही मिलता प्यार किसी का

तो घूटघूट के जीना पडता है

मरना भी रास नही आता ।

प्यार ही जीने का सहारा है ।

प्यार करो, प्यार से जीओ ।

विनोद आनंद                                21/07/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

775 जो भी करो….. 

जो भी करो सोच समज के, 

और एकाग्रता से करो ।

जो भी करो अयोजन से, 

समयसर और नियमीत करो ।

जो भी करो मन बुध्धि और

दिल कि सहमति से करो ।

जो भी करो आत्म विश्वास 

और होस में  करो ।

जो भी करो सब कि भलाई

और हीत के लिए करो ।

जो भी करो सफलता और

सार्थकता के लिए करो ।

जो भी करो लगन, मगन

और अगन से करो ।

जो भी करो सब कि खुशी

और शांति के लिए करो ।

जो भी करो किस के विरुध्ध

या बदले कि भावना से न करो ।

जो भी करो प्रसन्न चित और

आनंदित होकर करो ।

जो भी करो अच्छा करो

और शुभ करो ।

जो भी करो ईमानदारी

और निष्ठा से करो ।                                 

जो भी करो आन बान

और शान बढे एसा करो ।

विनोद आनंद                               14/05/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड