1209 शेर शायरीयों का गुलदस्ते-61

🌻 एतबार रखना
मन मिले फूल खिले कोई बात नही
दिल मिले प्रेम खिले कोई बात नही
हाथ मिले तो खुद पे एतबार रखना
कि वासना कि चिनगारी न भडके
वरना जवानी और जिंदगी दोनों
जल के राख हो जाएगी फिर न
बचेगा मन न बचेगा दिल और
न बचेगी बांसूरी न बजेगा गीत
बचेगो तो बदनाबी और बरबादी ।
🌺 मकस्द
किस्मत से मिले है कुछ तो
मकस्द होगा खुदा का ।
बीन बादल बरसात न हो
बीन कारण मुलाकात न हो
मिलन का मकस्द जाने और
मकस्द को हि जिंदगी बनाले ।
🌹 सावधान
जवानी पागल घोडा है
जिंदगी जब सवार होती है
तब सँभल नही पाती फिर
मुशीबत लाती है ।
जवानी के पागल घोडे
को मन कि लगाम और
संस्कार कि चाबूक
रखनी पडती है हाथ में
वरना जिंदगी बदनाम
और बरबाद होने में
देर नही लगेगी, सावधान
जब जवानी के पागल
घोडे पे हो सँवार ।
विनोद आनंद 15/06/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1182 सामंजस्य

सामंजस्य महत्वपूर्ण सद् गुण
पारिवारिक,समाजिक ताल मेल ।
अगर गायक संगीत से ताल मेल
से गाए तो गीत संगीत मधुर बने ।
ईस तरह परिवार-समाज में एक
दूसरे के स्वभाव अनुसार व्यवहार
करे तोताल मेल यानी सामंजस्य हो
तो संसार से सुख शांति का सुरिला
संगीत प्रगट हो और एक आदर्श
परिवार-समाज का निर्माण हो ।
ताल मेला बीठाने के लिए कुछ
महत्वपूर्ण बातें भी जानना है ।
पहले सब का स्वभाव और
सारी आदतें बगैर जानना है ।
दूसरी बात है सब कि तकलीफे
परेशानी भी जानना, समजना है ।
तीसरी बात सहन शक्ति और धैर्य
जैसे सद् गुण का विकास करना है ।
चोथी बात किसी के प्रति द्वेष ईर्षा
और नफरत का भाव नहीं रखना है ।
पाँचवा सेवा सर्मपणका भाव रखना है ।
सामंजस्य मतलब सब के साथ मिल
जूलकर प्रेम से साथ रहेना है ।
मन पर संयम और दिल को विशाल
बनाना है फिर देखो संसार कितना
सुंदर और मधुर बना शकते हो ।
सामंजस्य संजीवनी बुटी खुश खुसाल
परिवार और आदर्श समाज के लिए ।
विनोद आनंद 23/05/2018
फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

1173 दिलमें उतरने कि सप्तपदी

सप्तपदी से किसी के भी
दिल में उतर शकते हो वरना
दिल से उतर जाओगे जरूर ।
सब का मान सन्मान करो और
वाद विवाद नही संवाद करो,तो
किसी के दिल में उतर शकोगे ।
बातचीत में जरूरी है ईतना
बोलो, दूसरों कि भी बात करो
और सुनो, अच्छा सुनने वाला
किसी के दिल में उतर शकेगा ।
दूसरों के बारे मे भी सोचो और
उन्हे समय आने पर मदद करो
तो किसी के दिल में उतर शकोगे ।
किसी का यअच्छा कर्म, आदत और
सफलता पे दिल से धन्यवाद करो
तो नज़रो से दिल में उतर जाओगे ।
किसी से बातचीत या व्यवहार
करो तो अच्छे ईरादो से करो,
न कोई दिखावा या छल कपट तो
किसी के दिल में उतर शकोगे ।
किसी से मिल के बातचीत करो तो
समतुलन, सद् भाव और सम्भाव से
तो किसी के दिल में उतर शकोगे ।
वरना किसीके दिलसे उतर जाओगे ।
ईतना तो करना प्राणी जब किसी कि
नज़रो से दिल में उतरना चाहते हो ।
विनोद आनंद 12/05/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1053 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-51

🌹 वरना
आज नही तो कल,कल नही परसो,
परसो नही तो नरसो,नरसो नही तो
कभी भी सफलता कदम चूमेगी ।
मगर शर्त है कि, उमीद न छोडना,
निराश न होना,हिंमत न हार ना,
न कोशीश छोडना, वरना सफलता
छूट जाएगी और जिंदगी रूढ जाएगी ।
🌻उठने कि देर है ।
आशा नी कस्ती न डुबाया करो,
निराशा में खुद को न डुबोया करो ।
मजबुत इरादे मंझिल तक ले जाएगे,
कमजोरी को गले लगाया न करो ।
नाकामियाबी से मायुस न हो तुम,
नाकामियाबी के पीछे ही खडी है
कामियाबी, बस उठने कि देर है ।
🌺 गौर न करना
सुनो सब कि करो दिल कि
लोग तो कमीया निकालेगें
कमीया निकालने वाले कि
कमी नही वो तो साधु संतो में
भी कमीया निकालेगें ।
उस पर गौर न करना ।
विनोद आनंद 27/01/2018
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

1050 मर के भी जिंदा रहेना है ।

मरते दम तक जिंदा रहो और
जीते रहो एसे कि मरने के बाद
भी जिंदा रहो लोगो के दिल में
जिसे मौत भी न निकाल शके ।
सभी जब तुम्हारा कर्म दिखेगा
तो तुम्हारी तस्वीर भी दिखेगी
और तुम जिंदा रहोगे तस्वीर में ।
सभी जब तुम्हारा अच्छा स्वभाव
याद करेंगे तो तुम उन कि यादो में
जिंदा रहोगे सदा प्रेरणा बनके ।
तुम्हारा दिया हुआ साथ भी
उनको याद आएगा और तुम
उन के जीवन का हिस्सा बन
कर उन के मन में रहोगे जिंदा ।
तुम आए थे रोते हुए, हसते थे
कुछ ईसी करनी कर चलो कि
तुम जाओ, तो भी रहो जिंदा ।
तुम्हारी निसानीयाँ बोलेगी तो
तुम्ह जिवीत हो यह अहेसास
दिलाती रहेगी सभी को हर वक्त ।
मरते दम तक एसे जीओ कि
मरने के बाद भी मरो नही ।
विनोद आनंद 26/01/2018
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

1038 दर्पण

दर्पण जूठ्ठ न बोले

सच्चाई का प्रतिक 

सँवार ने का साधन ।

जो जैसे हो एसा दिखाए

वो दर्पण कहेलाए ।

दर्पण पे धूल है तो चहेरा

धूंधला दिखता है । 

धूल को साफ करो तो

चहेरा साफ नज़र आए ।

मन भी एक दर्पण है जिस 

पर बूरे विचारों कि धूल से

अच्छे विचारो कि तस्वीर 

मन के दर्पण में नही दिखती ।

दिल भी एक दर्पण है जिस 

पर बूरी भावनाओं कि धूल से

अच्छी भावनाओं कि तस्वीर 

दिल के दर्पण में नही दिखती ।

जीवन भी एक दर्पण है जिस 

पर खराब कर्मो कि धूल से

अच्छे कर्मो कि तस्वीर 

जीवन के दर्पण में नही दिखती ।

दर्पण को साफ रखोगे तो 

सभी तस्वीरें अच्छी दिखेगी ।

विनोद आनंद                             15/01/2018        फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड 

956 💐शेर शायरीयों का गुलदस्ता-45

🌹दिल या दिमाग 

कैसे बताए दिल का 

हाल किसी को ? 

सब सोचते है दिमाग से ।

कब दिल से और कब 

दिमाग से सोचना यह 

अंदाज होना जरूरी है ।

वरना गरबड हो जाएगी ।

👄 न होगा गलत

रोको जूबा को गलत बोलने से

वरना गज़ब हो जाएगा ।

सोचो जूबा बोल देने से पहेले

अगर है गलत तो रोकलो ।

तो कभी भी नहीं होगा गलत ।

🌹 कम नही है

हसता हुआ चहेरा किसी 

खिले हुए गुलाब से कम नही है ।

व्यक्ति में सद् गुणो कि सुवास

गुलाब कि खुशबू से कम नही है ।

रोता हुआ चहेरा किसी 

मुरझाए हुए फूल से कम नही है ।

व्यक्ति में दुर्गणो कि दुर्गंध

गटर कि दुर्गंध से कम नही है ।

💥कोशिश

उस का कमीज मेरी कमीज से

सफेद कैसे ? सोच के अपनी

कमीज को सफेद करने कि

मानवी कोशिश करता है ।

लेकिन उस के जीवन में 

मेरे जीवन के सद् गुणो से

ज्यादा कैसे  ? सोच कर

सद् गुणो बढाने कि मानवी

नहीं करता कोशिश ।

विनोद आनंद                               30/10/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड