1385 अच्छी बहू

अच्छी बहू का स्वप्न सब माँ
देखती है अपने बेटे के लिए
लेकिन सब माँ अपनी बेटी
को अच्छी बहू बनाने का
स्वप्न देखती तो सब माँ
को अच्छी बहू मिल जाती ।
बेटी एक अच्छा पति का
स्वप्न देखती है लेकिन बेटी
एक अच्छी बहु बनने स्वप्न
देखे तो सब परिवार को
अच्छी बहू मिल जाती ।
हालता एसे होते जाते है
कि अच्छी बहू मिलना
स्वप्ना बन गया है ।
अगर यह स्वप्ना साकार
करना है तो सिर्फ बेटी या
बेटे को अच्छा बनने कि
आश्यकता नही लेकिन
परिवार के सभी सदस्य
को आदर्श व्यक्ति बनने
कि आश्यकता है ।
उस के साथ साथ दूसरों से
अच्छाई कि उमीद रखने से
बहेतर है हम खुद अच्छाई से
नाता जोडे तो रिश्ते निखरेगें ।
पति को अच्छी बहू और पत्नि
को अच्छा पति और परिवार
अच्छा परिवार मिल जाएगा ।
विनोद आनंद 13/11/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1378 मजाक

जिंदगी में कभी कभी मजाक करना
चाहिए, जब माहोल मजाक का हो
या माहोल उदास या मन बैचन हो
या दिल उदास हो तो सोच समज
मजाक करने से माहोल में क्षणीक
आनंद कि लहेर आ जाती है ।
तन मन और दिल बहेल जाता है ।
मगर माहोल गंभीर या दुःखी हो
तो मजाक मत करना, चूप रहेना है ।
किसी पर व्यक्ति का मजाक मत
करना, चुटकूला सुनाना, तो हसी
खुसी का माहोल बन जाएगा ।
अंग हीन,ज्यादा अंग वाले,अज्ञानी,
वृध्ध, गरीब, कूरुप, छोटी जाती के
लोगों कि माजाक मत उडाना क्यूँ कि
उस में उन का कोई दोष नही होता ।
हो शकेतो उन पर दया करूणा करके
उन के कल्याण कि ईश्र्वर को प्रार्थना
करना या मदद करना ईन्सानीयत है ।
मजाक कि सीमा रखना जरूरी है
वरना वो माजक मजाक में लडाई
झगडे, हिंसा का माहोल बनता है ।
किसी को किसी कि मजाक से मजा
लेने कि आदत होती है वो ठीक नही ।
मजाक मजाक में रिश्ते न टूट जाए,
सोच समज कर मजाक करना ।
विनोद आनंद 11/11/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1306 समझदारी और सहनशक्ति

समजदारी और सहनशक्ति
दोनों जिंदगी कि सहेली है ।
समजदारी और सहनशक्ति
दोनों जिगरी दोस्त । जहाँ
समजदारी वहाँ सहनशक्ति ।
समजदारी संस्कार कि सहेली
ज्ञान और बुध्धि कि बेटी है ।
समजदारी, ज्ञान और बुध्धि
से आती है सहन शक्ति यानी
वो बरदास्त करने कि शक्ति
समजदारी से आती है तो
रिश्तें टिकते है,सँवरते है ।
रिश्तों से परिवार बनता और
परिवार से जिंदगी बनती है ।
वरना रिश्ते टूटने लगते है और
जिंदगी बिखरने लगती है ।
जिंदगी को सँवारना है तो
समजदारी से सहन शक्ति
को प्रगट करना जरूरी है ।
विनोद आनंद 25/09/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1275 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-67

-🌻 मंझिल (विनोद आनंद)
ईन्सान रूक नही,अभी जिंदा हो
मंझिल दूर नही है अगर प्रयास हो ।
आज या कल मिलेगी मंझिल
अगर लक्ष्य पे तेरा ध्यान हो ।
युही नही मिलती सफलता अभी
कई ईम्तहान देना है बाकी ।
होसला जरूरी है जीतने के लिए
अभी सारा जहाँन जीतना बाकी है ।
🌹 बिखरे मोती (कुलदीप सींग)
* बात ईतनी मीठी करे जब वापस
लेनी पडे तो खुदको कडवी न लगे ।
चावल अगर कुंकुम के मिल जायए
तो किसी के शर पे लग जाते है ।
हम कौन है उसे ज्यादा, हम किस के
संगत में है वो ज्यादा महत्त्वपूर्ण है ।
* पैसा नही बडा न पद बडा
बडा वो जो मुश्केलियों में
रहेता है साथ खडा ।
* रिश्तों में निखार हाथ मिलाने से
नही आता, विपरीत हालातों में
हाथ थामे रहने से आता है ।
* मन मे विश्वास है तो कोई हार नहि
शकता और मन में शंका है तो कोई
जीत नही शकता ।
* मन कि बात कहने से फैसले
होते है मन कि बात छूपाने से
फासले बनते है ।
* जूठ्ठी बातों पर जो वाह वाह
करगें वोहि लोग तबाह करगें ।
विनोद आनंद 13/08/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1261 हठ न करो

ईन्सान हठ करता है अपनी
बातों पे जिद्द करता है और
किसी कि बातें नहि सुनता या
समजता या जड हो जाता है ।
बाल हठ,स्त्री हठ और राज हठ
त्रीनो हठों से बचना या सावधान ।
वो हठ को अपना ओजार मानते है ।
दूसरों कि तकलीफों नहि समजते ।
अपनी बात दूसरों पे लाद देते है ।
जो वो सत्य-सच समजते है वो भी
दूसरों पे लाद देते है ।
जो वो पाना चाहते है वो पा लेते है
जो वो थान लेते हो वो करते है ।
अगर हठ का परिणाम गलत और
दूसरों कि नराजगी हो,तो हठ न करो ।
अगर हठ से सबका कल्याण हो तो
वो हठ आर्शीवाद बन जाती है वरना
शाप बन जाती है । कुछ हद कर हठ
ठीक है जब तक रिश्तें बने रहै वरना
हठ से रिश्तों में दरार पड जाती है ।
विनोद आनंद 08/08/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1231 अच्छा और सच्चा दोस्त

सभी रिश्ते जन्म से बनते है
सिर्फ दोस्ती का रिश्ता हमे
बनाना है सच्चा और अच्छा
दोस्त पसंद करके, कैसे भी
निभाना है दोस्ती, अच्छा
दोस्त, सच्चा दोस्त बनके ।
अच्छा दोस्त कौन ?
दोस्त को गलत करने से रोके ।
दूर रहने पर भी याद करे, जब
भी मिले तो खुशी से पगला जाए ।
तुम्हारी गेरमौजुदगी में तारीफ करे ।
तुम्हारे विकास का मौका ढूँढे और
तुम्हारा साथ दे और मदद करे ।
परिवार कि कदर करता है और
सब को अपना समजता है ।
अच्छा दोस्त आप जैसे हो
एसे हि स्वीकार करता है ।
अच्चे दोस्तों को बोलते समय
क्या बोलना है वो सोचना नही
पडता, मज़ाक भी कर शकता है ।
अच्छे दोस्त से बातों मे समय
बीत जाता है पता नही चलता ।
अच्छा और सच्चा दोस्त लालची,
ढोंगी और जूठा नही होता ।
अच्छे दोस्त के घर जाने को
इज़ाजत नही लेनी पडती ।
जो मीठा बोले प्रसंशा और विरोध
न करे, वो सच्छा दोस्त लगता है ।
अच्छा और सच्चा वो तुम्हारे लिए
गोली खाने को भी तैयार हो जाए ।
दोस्ती हो तो कृष्ण सुदामा जैसी ।
विनोद आनंद 10/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

🌹 1163 शेर शायरीयों का गुलदस्ता

🌺 ईन्तज़ार
दुःख के बादल सुख के
सूरज को छूपा देते है ।
दुःख के बादल हटते है
सुख का सूरज फिर चमकेगा ।
सिर्फ जरूरी है आशा को
जगाए रखना कि दुःख के
बादल हट जाएगे, सुख का
सूरज फिर चमकेगा सब्र
करके ईन्तज़ार करना है ।
🌹 होसला
जब सुख सूरज चमके
जीवन में, बहेक न जना
खुशि के नसे में ।
होस में रहेना और
यह न भूलन जाना ।
कि गम के बादल फिर
न जाने कब जाएंगे, उस का
सामना करने कि हिमंत और
होसला बनाए रखना है ।
मजबूत रिश्तें
जब रिश्तों में ताल मेल
बीठाना आ गया तब
रिश्ते मजबूत होते है,
🌻 मजबूर नही ।
मजबूरी कुछ कर शकती है
रिश्तों को तोडने के मामले में ।
कभी भी मजबूर न बनीए
हाला कि मजबूत मन अच्छे
ईरादो और द्दढ निश्चिय से
रिश्तों को निभाना शिखना है ।
विनोदआनंद 02/05/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड