1656 विश्र्वसनीय बनो

विश्र्वसनीय बनोगे तो सब
भरोशा करेगा वरना कोई
विश्र्वास नहि करेगा ।
परिवार और समाज में एक
दूसरे पर भरोशा जरूरी है ।
भरोशा है पंख, रिश्तों कि ।
जैसे बीन पंख, पंखी उड न
शके, एसै बीन भरोशे मानवी
जीवन जी न शके और रिश्तें
टीक न शके ।
परिवार और समाज में एसा
व्यवहार मत करो, जैसे कि
झूठ बोलना, बहाने बना, सीधी
बात न करना, कहे वो न करना,
वचन न निभाना, कोई काम ढंसे
न करना और पैसे उघार ले के
न लौटाना ईत्यादि, जिसे कोई
आप का विश्वास न करे । आप
के साथ रिश्ता न रखे, कोई भी
आप कि मदद न करे ।
परिवार-समाज में रहेते हुए, आप
अकेले न हो जाओ । जीवन का
उदेश्य हि हो विश्र्वसनीय बनना तो
जीवन सफल, सार्थक समृध्ध बने ।
लोगों का विश्र्वास जीतना है तो
समजलो जग जीत लिया क्यूँकि जग
में विश्वास का हि सिक्का चलता है
अविश्वास का नहि ।
विनोद आनंद 07/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1649 तो समस्या

नाँव पानी में चलती है तो ठीक है,
पानी नाँव में आए तो समस्या ।
संसार में मन लग गया तो ठीक है
मन में संसार आए तो समस्या ।
किसी का सन्मान करो तो ठीक है,
किसी का अपमान हो तो समस्या ।
बातों बातों में किसा मझाक हो ठीक है,
जानबुझकर मझाक करो तो समस्या ।
कुरूपता किसी को नापसंद है, ठीक है,
सुंदरता मानव को फँसाए तो समस्या ।
रिस्तें से जीवन मधूर और आ आसान है,
कोई रिस्तेदार धोखा दे तो समस्या ।
विश्र्वास बीना जीवन न चले ठीक है,
विश्र्वास का फायदा उठाना है समस्या ।
पैसा जीवन कि जूरूरत है, ठीक है
पैसा को सब कुछ समझा, तो समस्या ।
कोई मानवी पूर्ण ज्ञानी नहि है, ठीक है,
आधा मटका ज्यादा शोर करे तो समस्या ।
समस्याएँ जीवन में आए वो ठीक है,
समस्या को समस्या समझ तो समस्या
समस्या का समधान हि है उसका सहि
निवाराण हि ठीक है ।
विनोद आनंद 30/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1647 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-90

🌻 गलती
आँख बंध करके चलोगे
तो गीर जाओगे, गीरना
गलती नहि है, आँख बंध
करके चलना और गीर
कर फिर न उठना ।
🌹 विश्र्वास
विश्र्वास करना बूरा नहि,
किसी कि मीठी मीठी
बातों से प्रभावीत होकर
बीना सोचे विश्र्वास
करना सही नहि है ।
सोच समजकर विश्र्वास
करना मगर आँख बंध
करके नहि ।
🌺 बातों से जीवन
कुछ बातें सुनाता हूँ मैं
जो जरूरी है तुम्हारे लिए,
ध्यान से सुनना, मन से
दिमाग में और दिल से रोम
रोम में उतारना फिर देखना,
कितन किंमती है मेरी बातें ।
बातों से बात बनती है, बात
बनने से काम बनता है और
काम से जीवन बनता है ।
विनोद आनंद 30/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1626 अंध विश्वास से बचो

जिस पर विश्र्वास करते है
उस को हम सो पतिसत
समर्पीत हो जाते है और बीना
सोचे सब कुछ लुटा देते है ।
ईतना भरोसा करते है कि उस
का हर झूठ सच लगता है और
धोखेसे दिल टूट जाता है ।
धोखेसे, दिल टूटने से बचना है तो….
* किसी पे बहुत जल्द विश्र्वास
मत करना ।
* किसी कि शक्ल और दिखावे
से जल्द प्रभावित मत हो जाना ।
* किसी कि मीठी बातों से नहि
उनके व्यवहार, वर्तन, कर्मो से
पहेचान के बाद विश्वास करो ।
* उन से मिलने के बाद कैसा
लगता है, चैन, शुकून और शांति
मिलती है, या बैचेनी लगती है ।
सोचो और अपनी दिल दिमाग
कि सुनो फिर विश्र्वास करो ।
* विश्र्वास करने के बाद भी
अपनी मर्यादा का पालन करो ।
ईतना पास मत जाओ कि दूर
जाना मुश्किल हो जाए ।
* कभी भी एसी मानसिकता
न बनाओ कि उस के बीना नहि
रह शकते । यह सोच तुम्हे
कमजोर बनाएगी और बुरी
तरह से तोडके रख देगी ।
* जितना आप उस को महत्त्व
दते, क्या उतना वो आपको ईतना
महत्त्व देता है, नहि तो छोड दो ।
बीना सोचे, बीना परिक्षण
विश्र्वास करना मतलब धोखा ।
* विश्र्वास के बाद भी आंखे बंध
नहि रखना, सावधानी आप कि
सुरक्षा तुम्हारी ।
विनोद आनंद 08/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1455 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-74

🌹 मकस्द
धोका देते है लोग अपनी
ईज्जत दावपे लगा देते है ।
बदले में क्या पाया नफरत
बदनामी, बरबादी । क्या
यही है मकस्द जिंदगी का ?
🌻 पाया तो क्या पाया ?
दौड रहे है लोग अपने स्वप्ने
ईच्छा और केरियर के लिए
बहोत आगे निकल जाते है
सब कुछ छोड कर,नही
लेते रूकने का नाम ।
अपनों के लिए और अपने
कर्तव्य के बारे में नही सोचा ।
जिंदगी में स्वप्ने तो पाये मगर
अपनों के स्वप्न तोडाकर और
अपनों का साथ छोडाकर तो
पाया तो क्या पाया जिंदगी में ?
🌺 लगता है धोखा
जल्द हि कर देते है विश्र्वास
उनसे रखते है अपेक्षा-उमीदें ।
अपेक्षा-उमीदें नाउमीद हो तो
हमे लगता है धोखा हुआ ।
ईतना जल्द विश्वास न करो
तु उसका शिकार बन जाओ ।
विनोद आनंद 09/01/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1390 सुख शांति किस में है ?

सुख शांति संबंधो में है,
उस को पाने के लिए
संबंधो को निभाना है,
पोषना है, समर्पण से
प्रेम से ।
संबंधो को क्या चाहीए
उन कि उमीदों पर खरा
उतरना है और विश्वास
को मजबूत करना है ।
संबंधो के नाझ उठाके,
सहन करके संबंधो को
मजबूत बनाना है तब
संबंधो के वृक्ष पर सुख
शांति के फूल और फल
आएगें, फूरसद से खाना ।
संबंधो नीव जीवन कि,
जीनेकी आशा है,उमीद है ।
खास मात-पिता,भाई-बहन
पति-पत्नि का संबंधो को
संभालना है सँवारना है तो
सुख शांति मिलेगी वरना
दुःख,अशांति तो मिलेगी ।
दूसरे खास संबंध है प्रेम
दया,धर्म,क्षमा,ज्ञान,सत्य
से संबध रखने से जीवन में
सुख शांति मिलेगी, वरना
दुःख-अशांति तो मिलेगी ।
विनोद आनंद 19/11/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1328 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-68

🌹 विश्वास
असफलता से मायुस न हो
असफलता चुनौती है स्वीकारो
कमीओ को ढूँढके दूर करो और
फिर कोशिश करो, कोशिश से
सफलता मिलेगी विश्वास रखना ।
🍁न रूकना
थक कर न रूकना काम खत्म
हो तब रूकना नही तो काम
रूकेगा और मीलेगी असफलता ।
🌻 मझिंल
चलते रहो रास्ते पे जो मझिंल कि
ओर जाता है, रास्ता न मिले तो
मंझिल न बदलना नया रास्ता
बनाना मंझिल चलके आएगी ।
🍀जिंदगी
लडने बालों के कदमो में जहाँ
होता है, भागने वलों के कदको
ठोकरे मिलती है । ठोकरे भी
शीखाती है गीर कर उठना ।
संघर्ष से थक जाना खामी
है संघर्ष से चमकना खुबी है ।
जिंदगी से लडना न छोडना ।
वरना जिंदगी तुमसे लडेगी ।
विनोद आनंद 14/10/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड