1647 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-90

🌻 गलती
आँख बंध करके चलोगे
तो गीर जाओगे, गीरना
गलती नहि है, आँख बंध
करके चलना और गीर
कर फिर न उठना ।
🌹 विश्र्वास
विश्र्वास करना बूरा नहि,
किसी कि मीठी मीठी
बातों से प्रभावीत होकर
बीना सोचे विश्र्वास
करना सही नहि है ।
सोच समजकर विश्र्वास
करना मगर आँख बंध
करके नहि ।
🌺 बातों से जीवन
कुछ बातें सुनाता हूँ मैं
जो जरूरी है तुम्हारे लिए,
ध्यान से सुनना, मन से
दिमाग में और दिल से रोम
रोम में उतारना फिर देखना,
कितन किंमती है मेरी बातें ।
बातों से बात बनती है, बात
बनने से काम बनता है और
काम से जीवन बनता है ।
विनोद आनंद 30/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1627 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-89

🌹 दिखाओ
हवाओं ने कई दिप बुजाए कोई
एक दिप जला के तो दिखाओ ।
हवाएँ छोटी आग बुझा शकता है,
एक बडी आग बुझाके तो दिखाओ ।
🌻 स्वर्ग हि है
गुलशन गुलशन फूल खिले है
बहारें गली गली मुस्कराती है ।
चहरे चहरे पे मुस्कान खिले तो
घर घर में खुशीयाँ हि खुशीयाँ
खिल रही है, चारों ओर चैन हि
चैन चमक रहा है । जहाँ बहारें,
चहेरे मुस्काराए और चारों ओर
खुशियाँ और चैन हि चैन हो
वो ज़गह स्वर्ग हि है ।
🌺 जिंदगी आसान बनेगी
किसी में कमीयाँ दिखाने वाले
खुद में कमीयाँ दिखा के बता ।
दूसरों को सुधारने वाले
खुद को सुधार के तो दिखा
किसी कि भूल दिखाने वाले
खुद कि भूल निकाल के दिखा ।
किसी को रुलाने वाले उसी को
हि एक बार हसा के तो दिखा ।
हर वक्त आसान काम करते हो
कभी कठीन काम करके तो दिखा,
खुद कि और दूसरों कि जिंदगी
आसान बन जाएगी ।
🌹 बनता है
सोना नरम बनता है तो गहेना बनता है ।
लोहा नरम बनता है तो ओजार बनता है ।
मिट्टि नरम बनती है तो बर्तन बनता है ।
ईन्सान नरम बनता है तो संत बनता है ।
विनोद आनंद 10/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1526 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-87

⌚वक्त
वक्त पीधलता है
बर्फ कि भाँति
मन को ठंडा रखना है
बर्फ कि भाँति ।
मिलन का वक्त हो या
वियोग का, जिंदगी
का लुफ्त उठाना है ।
सुख का वक्त हो या
विशाद का जिंदगी का
मझा चखने का है ।
वक्त कैसा भी हो हमे
वक्त का लुफ्त उठाना है।
⛵कस्ती
मुसीबतों का तूफान
जीवन कि कस्ती को
न जाने कहा ले जाए,
हमे पतवार रखना है
अपने हाथों में और
कस्ती को किनारे पे
पहोंचाना है ।
🌹 किनारा
बद किस्मत कि हवाएँ
चलेगी तो भी हमे जीवन
नैया चलानी है, तो उमीद
का चप्पू चलाना है और
होसले को बढाना है, तो हि
मिलेगा किनार किस्मत का ।
विनोद आनंद 10/03/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1524 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-86

🌻 आशमन छू शके
कागज़ो पे बहुत लिखी
शेर शायरीयाँ, अब मन
करता है लिखु आंखो कि
कलम से प्रेम कि साहि से
शेर शायरीयाँ आसमान में ।
जब कोई निराश होकर कर
देखे आसमान कि ओर तो
पढ कर आशमन छू शके ।
🌹 अजीब दुनिया
अजीब है दुनिया के लोग जब आप
होगे कामीयाब तो तुम्हे कहेंगे
कि हमे तो पता था कि, तुम होंगे
कामीयाब एक दिन ।
जब होंगे नाकामीयाब तो कहेंगे,
मैंने पहेले कहा था कि यह
तुम्हारे बस कि बात नहि है ।
🍁 वरदान
जिंदगी में सब कुछ तुम्हारी
मरजी से नहि चलता ।
हर वक्त अनुकूल नहि होता
प्रतिकूल समय भी आता है,
बस तुम्हे हर वक्त सतर्क और
संतुलन बना कर खुश रहेना है,
तो जिंदगी बरदान बन जाएगी ।
🌺 सवाल का जवाब है जिंदगी
– जिंदगी क्या है ?
जिंदगी अवसर है ।
– जिंदगी कैसे जीए ?
जिंदगी ईन्सान बनकर जिए ।
– जिंदगी में क्या करे ?
आप कि जो विशेषता है
उस में आगे बढो ।
– जिंदगी सफल कैसे बने ?
अपने काम में 100% उर्जा
लगादे ।
– संबधे कैसे निभाए ?
सेवा समर्पण और प्रेम से ।
– सुख शांति कैसे मिले ?
जो चाहिए वो पहेले दो,
वोहि वापीस आएगा ।
जिंदगी आसान कैसे बने ?
– जिंदगी आसान है यह सोचो,
जैसी सोच एसी बनेगी जिंदगी ।
जिंदगी सवाल है तो उस का
सहि जवाब है सफल जिंदगी ।
विनोद आनंद 09/03/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1511 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-84

🌹 निशाना
जिंदगी का निशाना तुम्ह हो
कभी वो खुशी कि या कभी
गम कि गोलियाँ छोडती है ।
खुशी कि गोलियाँ हसाती,
गम कि गोलियाँ रूलाती है ।
खुशी में तो सभी हसते है ।
गम कि गोलियाँ से बचने के
लिए हसी खुशी का बखतर
पहेनकर जिंदगी को अपना
निशाना बनाकर सफल होना है ।
🌻 हिसाब रखना
आप कि खुबसूरती से, खुबीयों से
और अच्छे व्यवहार से कितनों को
खुश किया है उस का हिसाब न
रखो तो कोई बात नहिं लेकिन
बुरी आदतों और बुरे व्यवहार से
कितनों को दुःखी किया है ईस का
हिसाब जरूर रखना क्यूँ कि वो
दुःख दूसरों को दिया है वो हि दुःख
वापीस आएगा जरूर,रहेना तैयार ।
🍁 निर्णय
दु:ख दर्द देता तो सहन करने
कि शक्ति को भी बढाता है ।
दुःख आवश्यक है अनिवार्य है
वरना सुख कि खुशी का
अहेसास कैसे होगा ।
जिंदगी सुख दुःखों का निवास है ।
सुख कि खुशी को सँभालकर रखो
जो दुःख दर्द में मरहम बन जाए ।
दुःख दर्द को रोक नहि शकते
उसे दुःखी नहि होने का निर्णय
हम ले शकते है, खुश रह शकते है ।
विनोद आनंद 27/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1496 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-82

🌻 देता है वो प्रेम है
प्रेम चाहिए तो समर्पण दो
विश्वास चाहितो निष्ठा दो
साथ चाहिए तो समय दो ।
रिश्ते निभाना चाहते हो तो
प्रेम और अपनापन दो ।
सिर्फ देने का नाम प्रेम है ।
प्रेम में कोई न सोदा न शर्त ।
प्रेम मागता नहि लेता नही
सिर्फ सिर्फ देता है क्यूँ कि
कि प्रेम हि ईश्र्वर स्वरूप है ।
🍁 क्यूँ ?
यह दौलत और शान शौकत
हमेशा साथ नही देती न साथ
आती है उस का गुरूर व्यथ है।
जो साथ नही आती उसका
साथ निभाता है, जो अच्छाई
और भलाई साथ आती है
उसे कोसो दूर रहते हो, क्यूँ ?
🍀 मूक्दर का सिकंदर
आपका जुनून असंभव को
संभव बना शकता है ।
आपका होसला निष्फलता के
बाद भी सफलता दिलवाता है ।
आपका अनुभव आपको सही
दिशा दिखा शकता है ।
आपका पुरूषार्थ आपका
नसीब लिख शकता है ।
तुम्हारा जुनून होसला अनुभव
और पुरूषार्थ तम्हे बनाएगा
मूक्दर का सिकंदर ।
विनोद आनंद 15/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1495 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-81

🌹 मोहताज
ईन्सान हमेंशा खुस नही
रह शकता और तरक्की
नही कर शकता जब तब
वो किसी व्यक्ति पर
निर्भर या आधारित है ।
अपनी खुशी या तरक्की
अपनी जिम्मेदारी है उसे किसी
व्यक्ति कि मोहताज न बनाओ ।
🌺 क्षमा
क्षमा वो फूलो के समान है
जो कुचल जाने के बाद भी
खुसबू बिखेरता है ।
🌻 नींव है
भरोशा टूट जाए तो
समजलो आगे बढने का
द्वार बंध हो जाता है ।
रिश्ते चाहे गहेरा हो न हो
भरोशा गहेरा होना चाहिए ।
भरोशा नींव है रिश्तों कि
🍀खामोश
शब्दों का भी एक अहेसास
होता है खुद अहेसास करले
अच्छा लगे तो दूसरों को कहेंगेे
वरना शब्दों को खोमोश करदे ।
🍁शिकायतों से
रिश्ते अंकूरित होते है
प्रेम से, बने रहते है संवाद से
और महेसूस होते है संवेदनाओ
से,जीए जाते है दिल से और
मुरझा जाते है शिकायतों से ।
विनोद आनंद 15/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड