💐941 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-44

 🌹 पहेली

जिंदगी के हर पहेलु है पहेलवान

अगर तुम पड गए कमजोर ।

जिंदगी के हर पहेलु को समकर

जिओगे तो जिंदगी पहेली 

नही बनेगी, पहेलवान बनेगी ।

🌻 चहेरा

चहेरे पे चहेरा लगाते है लोग, 

कोनसा चहेरा है असली  

कैसे जाने ? जो दिखता है

वो नही हो शकता असली ।

कोई बात नही बस आँख 

बध करके विश्र्वास न करो ।

🌺 गीरगीट

किस को अपना समजे

किस को पराया ? 

वक्त आने पर बदल जाए और

गीरगीट कि तरह रंग बदले वो

है पराया भले वो हो अपना ।

न रखना उमीद अपनापन कि ।

विनोद आनंद                               05/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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💐929 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-43

🌹 माहोल

जिंदगी में खुशियों का 

माहोल बनाए रखीए तो 

नहीं बरसेगें गम के बादल ।

अगर खामोशी और उदासी

का माहोल बनाओगे तो

गम के साथ खुशीयों के 

बादल भी गम बरसाएगें ।

खुस रहो चाहे जो भी हो ।

🌻 बहाना

जब कोई गम सताए तो, 

तुम सोचना क्या गम है, 

जो मुझे करता है मायुस ।

गम को न सहो,गमको  समजो

पीडा तो होगी, न हो मायुस, 

खुश होने का बहाना ढूँढो ।

🌺 ईन्तजार

वक्त कैसा भी हो उस के 

साए में अपना वजूद न खोना ।

वक्त को समजो, समजोता करलो

वक्त के साथ चलो और शीखो ।

वक्त कैसा भी हो बदलेगा जरूर

ईन्तजार करो अपने पर काबू पाकर ।

✋ झूकना शीखो 

ज़माने के पीछे मत चलो, 

ज़माने के दिवाने न बनो, 

कुछ एसा करो कि ‘ 

ज़माना चले तुम्हारे पीछे

ज़माना हो दिवाना तुम्हारा ।

ज़माना झूकता है 

झूकाने वाला चाहिए ।

झूकाने से पहेले झूकना शीखो ।

विनोद आनंद                                25/09/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

919 🌹शेर शायरीयों का गुलदस्ता-42

🌻 खूसबु

खूसबु सिर्फ फूलो में हि नहीं

खूसबु खाने में  भी होती है, 

खूसबु हवाओं में भी होती है

खूसबु व्यक्ति के व्यक्तित्वमें भी

होती है जो फैलती है चारों ओर ।

खूसबु हि है उसकी पहेचान ।

🌞 तेज

तेज सिर्फ सूरज में हि नहीं 

तेज चाँद तारों में भी होता है ।

तेज दिये में भी होता है ।

तेज मनुष्य के चहेरे पे भी होता है

अच्छे सद् गुणो और सत्कर्मो का ।

🌺 गुमान

रूप रंग नित्य नही है

जो नहीं है नित्य 

उसका न करना गुमान ।

धन दौलत भी नहीं है नित्य

कब छूट जाएगी पत्ता नहीं 

उसका भी गुमान मत करना ।

गुमान करोगे तो जिंदगी से

हो जाओगे गुम ।

☺ व्यक्ति

कैसे होगा वो फूल, 

जिसमें  खूशबु नहीं ।

कैसा होगा वो पेड, 

जिस कि कोई छाया नही ।

कैसा होगा वो पानी, 

जो हो गंदा । उस कि

न कोई इज्जत,न मान

न  कोई किंमत ।

बस एसा हि होगा हाल 

जो व्यक्ति नही है चरित्र 

वान और गुणवान ।

विनोद आनंद                                16/09/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

853 💐 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-37

💞 स्वर्ग भी बसेगा 

माया का पर्दा खुलेगा तो 

ईश्र्वर का दर्शन भी होगा ।

दर्शन भी होगा दिल भी मिलेगा ।

दिल भी मिलेगा तो प्रेम भी बरसेगा ।

प्रेम भी बरसेगा तो दिल भी खिलेगा ।

दिल भी खिलेगा तो खूशबु भी फैलेगी ।

खूशबु भी फैलेगी तो माहोल महेंकेगा ।

माहोल महेंकेगा तो धरती, 

पर स्वर्ग भी बसेगा ।

👪 संबंध को समझो 

प्रेम से संबंध खिलते है, 

नफरत से मुरझाते है ।

सेवा से संबंध बढते है

स्वार्थ से संबंध घटते है ।

प्रशंसा से संबंध कायम रहेते है ।

निंदा से संबंध हंगामी रहते है ।

समर्पण से संबंध मजबूत बनते है

हक छीनने से संबंध मरते है ।

मीठे वचन सही व्यवहार से, 

संबंध शाश्र्वत बनने है ।

कटु वचन, गलत व्यवहार से, 

संबंध टूटते है ।

मिलते जुलते रहनेसे, 

संबंध निखरता है ।

ताल मेल मिलाते  रहोगे, 

तो संबंध सँवरता है ।

संबंध को समजो, 

तो जीवन सँवरेंगा ।

💝 आप निर्देशक हो

मन शुध्ध है तो स्वर्ग,  

मन अशुध्ध है तो नर्क  ।

मन पवित्र है तो स्वर्ग ,  

मन अपवित्र है तो नर्क  ।

मन सकारात्मता है तो स्वर्ग , 

मन नकारात्मता है तो नर्क  ।

मन शांत तो है तो स्वर्ग

मन अशांत है तो नर्क है ।

मन संत हो तो स्वर्ग, 

मन शैतन है तो नर्क ।

मन ही निर्माता है 

स्वर्ग या नर्क का ।

आप निर्देशक है ।

क्या चाहते हो स्वर्ग या नर्क ? 
विनोद आनंद                                20/07/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

835 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-35

💟 शिकवा गीला

शिकवा गीला दिल से न लगाना

मान जाना या मना लेना

हस लेना और हसा देना 

वरना जिंदगी रूठने मनाने में 

यूही खर्च हो जाएगी ।

💞 ज्यादा

अपनों से ज्यादा 

गैरों को याद करते है, 

जिसने दिया है धोखा ।

मगर प्यार करने वाले को नही, 

नफरत करने वालों को

ज्यादा याद करते है ।

मान देने वालों को नही 

अपमान करने वाले को 

ज्याद याद करते है ।

अपनों को ज्यादा याद करो ।

💝 याद रखना 

चूभती है शब्दों कि सूई मन में 

चूभ जाते है नैनो के बाण दिलमें

शरीर पर लगा घाव  

दिल दिमाग पे लगे घाव से

जल्द  ठीक हो जाता है 

याद रखना ।

💚 मिज़ाज

रूप रंग शरीर का मिजाज है

गुण सद् गुण मन का मिजाज है

रूप रंग का अभिमान व्यथ है

जीवन में अच्छाई और सज्जनता 

जिंदगी कि सफळता और महानता है                           विनोद आनंद                                06/07/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

804 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-32

😅मुस्कारा के देखो 

मुस्कारा के देखो जरा

मुस्कारा ने लगेगे लोग, 

मुस्कारा ने लगेगा माहोल ।

मुस्कारा ने लगेगी जिंदगी ।

मुस्कारा ने लगेगी जब जिंदगी 

तब आखों से आशूं नही 

आखों से प्रेम बरसेगा । 

😃खुश हो के देखो

खुश हो के देखो जरा 

खुश रहने कि आदत लाएगी

खुशियाँ ही खुशियाँ जिंदगी में 

चाहे गम हो खुशी जिंदगी में 

खुश रहने का स्वभाव बनावो 

तो गम बहुत नही सताएगा 

💘प्रेम करके देखो

प्रेम करके देखो जरा

प्रेभ का जादू ।

नफरत का दुश्मन 

जाएगा भाग 

प्रेम सर्वस श्रेष्ठ है

प्रेम अदभूत शक्ति है

प्रेम परमात्मा है 

प्रेम से स्वर्ग निर्माण होता है ।

👍सेवा करके देखो 

सेवा करके देखो जरा

तुम कहाँ पहोंच जाओगे

सेवा समर्पण का गुण से

तुम्हे किसी सेवा कि

नही रहेजी जरूरत ।

अगर पडेगी जरुर सेवा 

कि तो मिल जाएजी सेवा ।

विनोद आनंद                                 08/06/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

802 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-31

👍मंजिल एक स्वप्ना

मंजिल उसी को मिलती है

जिसे मंजिल दिखती है, 

जो मंजिल पाना चाहते है, 

पाने का लक्ष्य रखता है,और 

जो कोशिश करता रहेता है

वरना मंजिल एक स्वप्न ।

भूल जाना होगा ।

💝स्वप्न एक हकीकत 

स्वप्न साकार करने का

लक्ष्य होना चाहीए 

संक्लप करना पडेगा

प्रयत्न करना पडेगा वरना

आंख खुलते ही स्वप्न 

गायब हो जाएगा ।

स्वप्न हकीकत बने

तो स्वप्न साकार हो ।

💛 क्षमता

स्वप्न सिर्फ देखना नही

शेख चल्ली का स्वप्न 

नही देखना है । 

स्वप्न पूरा करने कि क्षमता है

तो स्वप्न देखना चाहिए ।

💚 साकार स्वप्न

स्वप्न रात को आते है

वो स्वप्न नही है 

दिन में जो स्वप्न देखते है

वो ही स्वप्न है ।

जो रात में सोने न दे

वोही स्वप्न साकार होता है ।

विनोद आनंद                                 06/06/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड