804 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-32

😅मुस्कारा के देखो 

मुस्कारा के देखो जरा

मुस्कारा ने लगेगे लोग, 

मुस्कारा ने लगेगा माहोल ।

मुस्कारा ने लगेगी जिंदगी ।

मुस्कारा ने लगेगी जब जिंदगी 

तब आखों से आशूं नही 

आखों से प्रेम बरसेगा । 

😃खुश हो के देखो

खुश हो के देखो जरा 

खुश रहने कि आदत लाएगी

खुशियाँ ही खुशियाँ जिंदगी में 

चाहे गम हो खुशी जिंदगी में 

खुश रहने का स्वभाव बनावो 

तो गम बहुत नही सताएगा 

💘प्रेम करके देखो

प्रेम करके देखो जरा

प्रेभ का जादू ।

नफरत का दुश्मन 

जाएगा भाग 

प्रेम सर्वस श्रेष्ठ है

प्रेम अदभूत शक्ति है

प्रेम परमात्मा है 

प्रेम से स्वर्ग निर्माण होता है ।

👍सेवा करके देखो 

सेवा करके देखो जरा

तुम कहाँ पहोंच जाओगे

सेवा समर्पण का गुण से

तुम्हे किसी सेवा कि

नही रहेजी जरूरत ।

अगर पडेगी जरुर सेवा 

कि तो मिल जाएजी सेवा ।

विनोद आनंद                                 08/06/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

802 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-31

👍मंजिल एक स्वप्ना

मंजिल उसी को मिलती है

जिसे मंजिल दिखती है, 

जो मंजिल पाना चाहते है, 

पाने का लक्ष्य रखता है,और 

जो कोशिश करता रहेता है

वरना मंजिल एक स्वप्न ।

भूल जाना होगा ।

💝स्वप्न एक हकीकत 

स्वप्न साकार करने का

लक्ष्य होना चाहीए 

संक्लप करना पडेगा

प्रयत्न करना पडेगा वरना

आंख खुलते ही स्वप्न 

गायब हो जाएगा ।

स्वप्न हकीकत बने

तो स्वप्न साकार हो ।

💛 क्षमता

स्वप्न सिर्फ देखना नही

शेख चल्ली का स्वप्न 

नही देखना है । 

स्वप्न पूरा करने कि क्षमता है

तो स्वप्न देखना चाहिए ।

💚 साकार स्वप्न

स्वप्न रात को आते है

वो स्वप्न नही है 

दिन में जो स्वप्न देखते है

वो ही स्वप्न है ।

जो रात में सोने न दे

वोही स्वप्न साकार होता है ।

विनोद आनंद                                 06/06/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

795 💐शेर शायरीयों का गुलदस्ता-30

💙 इतिहास

होंसला आकाश छू शकता है

उमीदे शिखरें सर कर शकती है

जोस उची उडान भर शकती है

होस समुद्र कि गहेराई नाप शकती है

हिंमत हिमालय चठा शकती है

अशा अमर है,अमर बना शकती है ।

सभी मिलकर इतिहास लिख शकते है ।

🌹 स्वाभिमान-अभिमान

अभिमान  कभी उठने नही देगा ।

स्वाभिमान कभी गीरने नही देगा ।

अभिमान को होने नही देना ।

स्वाभिमान को छोडना नही ।

स्वाभिमान ताज पहेनाएगा ।

अभिमान ताज छिन लेगा ।  

💝 ज्ञान होना चाहिए 

कहाँ चूप रहेना, 

कहाँ  बोलना, 

पता होना चाहिए ।

कहाँ शांत रहेना, 

कहाँ गुस्सा करना, 

कहाँ गुस्सा नही करना, 
समजना चाहिए ।           

किसा संग करना

किसका संग नही, 

सोचना चाहिए ।

क्या करना है, 

क्या नही करना है, 

ज्ञान होना चाहिए  ।

विनोद आनंद                                   01/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

  

794 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-29

👍याद रखना ।

लूटने चला था, 

लूटकर लोट आया ।

मजाक उडाने चला था, 

खुद मजाक बन गया  ।

शिकार करने गया था

शिकार बन गया ।

सरप्राइज़ देने गया था

सरप्राइज़ हो गया  ।

याद रखना इरादे सही है तो

कामीयाबी मिलती है वरना

नाकामीयाबी मिलती है ।

💗 मन कहाँ टिकता है ? 

चाहते है भूल जाना जिसे, 

वोही आते है याद ।

चाहते है याद करना जिसे, 

भूल क्यूँ नही जाते उसे ? 

जिस पर मन टीका 

वोही याद आएगा ।

नही चाहते उस पर 

मन को मत टिकाना ।

चाहत पे मन टकता है ।

✌ कामीयाबी 

होंसला बनाए रखना

उमीदे जगाए रखना

मंझिल पास आएगी ।

होस बनाए रखना

जोस जगए रखना

सफलता मिलेगी

हिंमत बनाए रखना

आशा जगाए रखना

कामीयाबी आप के

चरणों में  होगी ।                                                 विनोद आनंद                                 30/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

786 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-28

💟 तस्वीर 

तस्वीर खिचाते वक्त मुस्कराते है

तस्वीर सुंदर आती है ।

हर पल कई आंखे तस्वीर खिचती

मुस्कारे रहे तस्वीर अच्छी आयेगी ।

💞 व्यक्तित्व

तस्वीर में तो अच्छे लगते हो, 

लेकिन व्यक्तित्व का क्या ? 

तस्वीर से और मिल के 

मुश्किल है अंदाज लगाना ।

पता कर शकते व्यक्तित्व का

अवलोकन या अनुभव से ।

संबंध या दोस्ती करना 

व्यक्तित्व जानने के बाद ।

💝 अतः चक्क्षु 

तन कि तस्वीर 

खिंचने के केमेरा है  ।

मन कि तस्वीर किस 

केमेरा से खिंचो गे ।

जो कुछ  है वो

छूपा है मन में ।

अतः चक्क्षु से

जान शकते हो 

मन का हाल ।

आंसू

आंसू मगर मच्छ के

दु:ख के, खुशी के, 

और जूदाई के, या

हो पश्र्चाताप के

बेखबर है आंसू ।

आंसू बहा के नहीं 

दिखाना है, वो तो सह के

पी जाना  है, 

क्यूँ कि नही है कोई 

आंसू पोंछ ने वाला ।                                             

विनोद आनंद                               17/05/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

767 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-27

💖 मोहताज़

जैसे निंद मोहताज़ 

नही बिस्तर कि 

भूख मोहताज़

नही मिष्टान कि

एसे खुसी भी मोहताज़ 

न होन दूसरो पर ।

💚 मजबूर                                                       कमजोर है वो मजबूर है  

मजबूत है वो नही है मजबूर

 कमजोर को सभी सताते है

तन-मन से मजबूत है तो

उसे कोई नही सताता ।

वो कभी मजबूर नही है ।
💙 कोशीश

किसी कि जिंदगी को

आसान बनाने कि

कोशीश परोपकार है

किसी कि जिंदगी को

कठीन बनाने कि

कोशीश अपकार है ।

💜 समजदारी

ज्ञान से समज, 

समज से समजदारी, 

पति-पत्नि कि समजदारी से

घर मंदिर बनता है ।

समजदार पति-पत्नि के

बच्चे समजदार तो 

घर स्वर्ग बनता है ।

समजदारी स्वर्ग का द्वार ।

ना समजदारी नर्क का द्वार ।

विनोद आनंद                               07/05/2017

फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

735 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-26

❤ छोटी बातें

छोटी छोटी बातें

न करना नज़र अंदाज 

न रहेना बेध्यान क्यूकि

जैसे बूँद बूँद से सागर 

एसे छोटी छोटी बातों से

बनती है समस्या ।

💜 छोटी भूले

छोटी छोटी भूलें

न करना,न देना बढावा

तुरंत निपटना माफी माग के

वरना बोम्ब कि भाँति 

फटेगा एक दिन ।

💙 छोटी खराब आदतें

छोटी  छोटी खराब आदतें

न पाडना, न बढाना

रोकना या दूर करना

वरना स्वभाव बनके

घर जमाई बन जाएगा ।

💛छोटी गेरसमज़

छोटी  छोटी गेरसमज़

रिश्तों मे न आए, 

बेध्यान न रहेना ।

समज़दारी से उकेल ठूंठना

वरना तुम उलझ जाओगे ।

विनोद आनंद                                  12/04/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड