809 दृढ़ता

अपने निर्णय पर, 

अपने लक्ष्य पर, 

हिमालय जैसी दृढ़ता 

दिलाएगी सफलता ।

हर समय,हर परिस्थिति में 

दृढ़ता बनी रहे, अपने निर्णय, 

अपने लक्ष्य से न हो चलित

तो होगा लक्ष्य पूर्ण ।

दृढ़ता सफलता जननी है

दृढ़ता मन कि बेटी है

अगर मन पर संयम हो

जीवन में लक्ष्य हो,संकल्प हो

तो मन में दृढ़ता लेती है जन्म 

आत्म विश्र्वास और बढता है ।

हर वक्त सफलता मिलती है ।

जीवन में सुख शांति और

समृध्धि लाती है दृढ़ता ।

सफलता जडी बुट्टि है दृढ़ता ।                              विनोद आनंद                                   16/06/2017        फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

794 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-29

👍याद रखना ।

लूटने चला था, 

लूटकर लोट आया ।

मजाक उडाने चला था, 

खुद मजाक बन गया  ।

शिकार करने गया था

शिकार बन गया ।

सरप्राइज़ देने गया था

सरप्राइज़ हो गया  ।

याद रखना इरादे सही है तो

कामीयाबी मिलती है वरना

नाकामीयाबी मिलती है ।

💗 मन कहाँ टिकता है ? 

चाहते है भूल जाना जिसे, 

वोही आते है याद ।

चाहते है याद करना जिसे, 

भूल क्यूँ नही जाते उसे ? 

जिस पर मन टीका 

वोही याद आएगा ।

नही चाहते उस पर 

मन को मत टिकाना ।

चाहत पे मन टकता है ।

✌ कामीयाबी 

होंसला बनाए रखना

उमीदे जगाए रखना

मंझिल पास आएगी ।

होस बनाए रखना

जोस जगए रखना

सफलता मिलेगी

हिंमत बनाए रखना

आशा जगाए रखना

कामीयाबी आप के

चरणों में  होगी ।                                                 विनोद आनंद                                 30/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

790 लक्ष्य तयर करो

बीना पता और कुछ 

कुछ निशानी दे कर हम 

घर ढूँढते है, मगर 

घर नही मिलता ।

घर ढूँढना है तो पता

पहेले ढूँढना होगा ।

बस ईसी तरह हम

जिंदगी में  मंझिल ढूँढते है 

पर नही मिलती क्यूकिं 

लक्ष्य निर्धारीत नही है

हम लक्ष्य हीन जिंदगी के

सफर में  मंझिल ढूँढते है ।

जिंदगी में क्या बनना है

क्या करना है जिंदगी और

कैसे जीना है तयर नही है ।

तो फिर जिंदगी का कोई

हेतु या उद्देश्य नही होता ।

जिंदगी में  सफलता और

सार्थकता के लिए लक्ष्य 

निर्धारीत करना आवश्यक है ।

लक्ष्य हीन जीवन तो जानवर

जीते है । हम तो ईन्सान है ।

जिंदगी को लक्ष्य हीन न जीओ ।

विनोद आनंद                                 28/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

789 सफल व्यक्ति कि सोच

सफल व्यक्ति कि सोच

कैसी होती है ? कि 

वो सफल होते है ।

सफल व्यक्ति कि सोच

सकारात्मक होती है ।

नकारात्मक नही ।

सफल व्यक्ति कि सोच

सर्जनात्म होती है ।

सफल व्यक्ति कि सोच

सही होती है गलत नही ।

सफल व्यक्ति कि सोच

आशावादी होती है ।

निराशावादी नही ।

सफल व्यक्ति कि सोच

लक्ष्य के अनुकूल होती है ।

सफल व्यक्ति कि सोच 

आयोजन युक्त होती है ।

सफल व्यक्ति कि सोच

सफलता कि होती है, 

निष्फलता कि नही ।

सफल व्यक्ति कि सोच

विकास कि होती है ।

विनाश कि नहीं ।

सफल व्यक्ति कि सोच

स्पष्ट होती है ।

सफल व्यक्ति कि सोच

संयमी-स्थिर होती है ।

एसी सोच,सफलता का बीज है ।

अपनी सोच एसी बनालो तो

आप सफल व्यक्ति होंगे ।

विनोद आनंद                                 26/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

777 जिंदगी सिर्फ जीना नहीं

जिंदगी सिर्फ जीना नहीं

जिंदगी के उद्देश्य को, 

जिंदगी के रहस्य को और

जिंदगी कि किंमत समजना है ।

जिंदगी सिर्फ जीना नहीं

जिंदगी को जीतना भी है

जिंदगी कि किंमत चुकानी है ।

कुछ अच्छा बनकर, 

कुछ अच्छा करके ।

जिंदगी युही नहीं जीना 

कुछ निश्चित ध्येय रखना, 

आयोजन युक्त, सफलता 

के लिए जीना है ।

जिंदगी सिर्फ खुद के लिए नही, 

जिंदगी जिसी बदोलत है

उसी के लिए भी जीना है ।

जिंदगी युही नहीं गवाँना है

जिंदगी आत्मकल्याण के

लिए भी जीना है वरना

जिंदगी दूबारा नही मिलेगी ।

अभी भी कुछ भी नही बीगडा

जब से जागे तब से सवेराँ ।

जिंदगी युही नहीं जीना है, 

जिंदगी सही तरीके से जीना है, 

जिंदगी को सवाँरना है,जिंदगी को

यादगार और अमर बनाना है ।

विनोद आनंद                               18/05/2017    फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

776 अज्ञानता

अज्ञानता ज्ञान का अभाव

साक्षरता अज्ञानता का निवारण

अज्ञानता विकास में अवरोध, 

जिंदगी में  परेशानियाँ, 

मुश्किलीयाँ,तकलीफें और 

मान सन्मान कि कमी ।

जिंदगी में सामाजीक,व्यवहारी, 

दुनियादार और कारर्कीदी 

जैसा ज्ञान आवश्क  है ।

एसा ज्ञान का अभाव, 

सफलता में अवरोध 

और निष्फलता का द्वार ।

ज्ञानी सर्वत पज्यते और

अज्ञानी सर्वत उपेक्षिते ।

साक्षरता आशीर्वाद 

विकास का बीज ।

अज्ञानता श्राप और शत्रु

व्यक्ति, कुटुंब और देश का ।

विनोद आनंद                               17/05/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

775 जो भी करो….. 

जो भी करो सोच समज के, 

और एकाग्रता से करो ।

जो भी करो अयोजन से, 

समयसर और नियमीत करो ।

जो भी करो मन बुध्धि और

दिल कि सहमति से करो ।

जो भी करो आत्म विश्वास 

और होस में  करो ।

जो भी करो सब कि भलाई

और हीत के लिए करो ।

जो भी करो सफलता और

सार्थकता के लिए करो ।

जो भी करो लगन, मगन

और अगन से करो ।

जो भी करो सब कि खुशी

और शांति के लिए करो ।

जो भी करो किस के विरुध्ध

या बदले कि भावना से न करो ।

जो भी करो प्रसन्न चित और

आनंदित होकर करो ।

जो भी करो अच्छा करो

और शुभ करो ।

जो भी करो ईमानदारी

और निष्ठा से करो ।                                 

जो भी करो आन बान

और शान बढे एसा करो ।

विनोद आनंद                               14/05/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड