2072 अंध विश्र्वास न करे

ध्यान कहाँ नज़रें कहाँ,
मन कहाँ, दिल कहाँ,
ईरादें कहाँ, वादे कहाँ,
बातें कहाँ, काम कहाँ
कहते कुछ ओर, करते
कुछ ओर । दिखते कुछ
ओर दिखाते है कुछ ओर ।
आँखो में आंशू भीतर में
कुछ आग, होठों पर
हसी दिल में बदला ।
हाथी के दांत दिखाने,
और चबाने के अलग ।
चहरे पे चहेरा कौन सा
असली कौन सा नकली ?
मन वचन और कर्म सभी
अलग अलग कैसे करे
किसी का भी विश्र्वास ?
बस हर वक्त सावधान,
जागृत, सतर्क रहेना है,
हर बात का निरीक्षण
करे, हर बात को तुरंत
न माने और न स्वीकारे,
फिर भी विश्र्वास करे तो
भी निश्चित हो कर अंध
विश्र्वास न करे ।
विनोद आनंद 23/06/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

2014 खतरनाक आदतें

बुरी आदतें भविष्य
में खतरनाक बनती है,
कयूँकि न उसे पीछा
छूडा शकते हो, वो आप के
संतान को संक्रमित करेगी ।
ईसलिए पहेले आप बुरी
आदतो से संक्रमित न हो ।
कोई भी आदत अचानक
एकदम खतरनाक नहि
बनती पहेले वो ईच्छा के
गर्भ में जन्म लेती है,उसका
पालन पोषण किया तो
वो अपनी जाल बिछाती
है फिर आप बीना सोचे
उस में फस जाते हो,
आप आदत के गुलाम
बन जाते हो और उसे
पीछा छूडाने के बारे में
सोचते नहि तो आदतें
खतरनाक बनती है ।
लेकिन जब वो ईच्छा
के गर्भ में जन्म लेती है
तब बुध्धमत्ता से जांच
कर, बुरी है तो उसका
गर्भपात कर दो,जन्म न दो ।
तो आप न उस कि जाल में
न फसोगे न गुलाम बनोगे ।
उस के लिए हमे पत्येक
ईच्छा से जागृत रहकर
जांच करो, फिर जन्म दो ।
जीवन मे बुरी आदतों के
मालिक या अमीर न बनो ।
विनोद आनंद 08/05/2020
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1707 धोखे से कैसे बचोगे ?

आज कल लोग रिश्तों में धोखा
खाते है,टूट जाते है । धोखेबाज
ईतना चालाक, जूठ्ठा, होता है,
कि हमे कुछ पता नहि चलता ।
धोखेबाज को पहेचाने के लिए
उस कि कुछ निशानीयाँ है,उसे
जानकर धोखे से बच शकते हो ।
* वो अपने बारे में कुछ नहि
बता एगा, पूछोगे तो टाल देगा ।
जब किसी ओर से पता चलेगा
और आप पूछेगे तो कहेगा मैं
तुम्हे बताना हि भूल गया ।
* आप उस कि परवाह करते रहो
वो आप कि परवाह नहि करता ।
* वो हर बात पे जूठ्ठ बोलता है,
हर वक्त अलग बातें करता है, या
बहाने बनाता है या ढोंग करता है
जिसे उसका भेद न खुल जाए ।
* आप कितना भी अच्छा करो तो
भी आपकि प्रशंसा नहि करता है ।
* तुम्हारे काम के लिए वो हमेशा
बीझी रहेगा लेकिन आप का काम
जान बुजकर जल्दी नहि करेगा ।
* वो आपको हर समय हर्ट करेगा ।
* वो अपना वचन नहि निभाएगा ।
* वो आप को मीठी मीठी बातें
करके प्रभावीत करेगा और आप का
विश्र्वास जीतेगा फिर धोखा देगा ।
तुम किसी के शब्द पे नहि उस कि
गतिविधियाँ देखकर विश्वास करो ।
किसी पे जल्द विश्र्वास न करे, और
विश्र्वासके लायक है तो भी आंख बंध
करके विश्र्वास न करे, सावधान रहे ।
विनोद आनंद 23/08/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1663 अच्छाई

अच्छाई से अच्छा ईन्सान
बनकर मान,आदर सत्कार,
आशीर्वाद कमा शकते हो ।
किसी का अच्छा करना,
बूरा न करना हि अच्छाई है ।
एसी अच्छाई किस काम कि
अच्छाई करने वालों के साथ
लोग बूरा करे उस कि अच्छाई
का फायदा उठा के धोका दे ।
अच्छाई का लोग फायदा न उठाए
उसे के लिए पांच बातें याद रखे ।
* सावधान रहि है कि किसी गलत
ईन्सान के साथ अच्छाई करने के
बाद में पस्ताना न पडे ।
* दूसरों के लिए हमेंशा सेवा में
न रहे जिसे वो जब चाहे आप कि
अच्छाई का फायदा उठा शके ।
* जो तुम्हे पसंद नहि जो तुम नहि
करना चाहते उसे ना कहेना शीखे ।
* आप अच्छाई करे मगर अपना काम
छोड कर, बहुत ज्यादा समय न दे ।
* लोगों कि अच्छाई करो मगर बहुत
ज्यादा परवाह न करो, जिसे तुम्हारी
बिलकूल परवाह नहि ।
* आप किसे पे आधारित न रहो
किसे सहारे न जीओ खुद स्वतंत्र
तरिके से सेवा करके अच्छाई करो ।
अच्छाई करके अच्छा ईन्सान बनना
ईन्सान का फर्ज है, सावधान कोई
आप कि अच्छाई का फायदा न ले ।
विनोद आनंद 13/07/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड