1634 ईसलिए

एक गलत कदम का
परिणाम क्या होगा
सोच नहि शकते ।
फिर बाद में पस्ताने से
क्या फायदा ईसलिए
पहेला कदम सोच
समज कर बढाओगे तो
पस्ताना नहि पडेगा ।
एक गलत सोच जब भी
कर्म में परिवर्तित होगी
गलत कर्म हि करेगी,
ईसलिए गलत सोच
को तुरंत डफना दो तो
हि गलत कर्म से बचोगे ।
एक गलत शब्द किसी के
दिल के टूकडे टूकडे करदे
फिर रिश्तें बीखर जाए,
ईसलिए गलत शब्दो बोलने
वाली जुबा को दांतो तले
दबाकर रिश्तों को बचालो ।
एक गलत आदत जिंदगी को
कठीन बना देगी, ईसलिए गलत
आदतो से पीछा छूडाकर हि
जिंदगी आसान बना शकते हो ।
एक गलत निर्णय जिंदगी का
रूख बदल शकती है ईसलिए
सोच समजकर निर्णय लेना ।
एक गलती सज़ा बन कर
परेशान करेगी ईसलिए
गलती कि माफि मागकर,
सुधारकर परेशानी से बचो ।
हर एक गलत सोच, निर्णय
शब्द,आदत,गलती से दूर रह
कर जिंदगी को सँवार लो ।
विनोद आनंद 16/06/2019 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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1576 साक्षी

जिंदगी को बहेतर बनाना है
तो सही जीवन जीना जरूरी है ।
सही जीवन जीने का तरीका है
साक्षी भाव से जीना, मतलब है
सतर्क, होश में रह कर जीना ।
सो प्रतिशत जागृत रह के जीना ।
तुम क्या बोलते हो, कैसे चलते हो
क्या करते हो, पूरे होस हवास में
सोच समजकर, सही है वो करो ।
यह है शारीरिक साक्षी भाव ।
कभी भी अनजाने में, बेहोशी में
रोबर्ट कि भाँति कुछ भी न करो ।
दूसरा साक्षी भाव है मानसिक
तोर पे जागृत रहे तन के साथ
मन को भी साक्षी बनाए और
सोचे कि सही है या गलत,
फिर कार्य करना चाहिए ।
कभी मन आदत से बेहोशी में
कुछ गलत काम कर देता है
बाद में पता चलता गलत है ।
तीसरा साक्षी भाव है भावनाए
हर वक्त हमे अपनी भावना पर
नज़र रखनी है कि किस भाव से
काम हो रहा है ।हम आत्मा है ।
हमे आत्मा को अपना साक्षी
बनाकर हमे होश पूर्वक सोच
समज़कर काम करना है ।
सही तरीके से जी कर,जिंदगी
को बहेतर बना शकते है ।
विनोद आनंद 25/04/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1509 विचारों का विज्ञान-2

विचारों का विज्ञान-1 से आगे
ओर विचारों के बारे में जाने ।
* दुनिया एसी नहि है जैसी
दिखती है दुनिया एसी है जैसे
आप है, आप के विचार है ।
दुनिया हमारे विचारों का
आईना है शिकायत मत करो ।
* सब कुछ भरभूर है ,जो भी
कमी है उस में कोई मूळभूत
विचार या गलत मान्यता या
शंका कुशंकाओ का हाथ है ।
कमीयों का ज्रीक मत करो ।
* जबतक आप नहि चाहते
तब तक दूसरों के विचारों
का असर आप पर नहि हो
शकता अगर आप होस है ।
* आप के विचारों जल्द प्रगट
होने के लिए आप के भाव
विचार, वाणी और क्रिया का
एक रूप होना जरूरी है ।
विचारों के विज्ञान से निर्माण
करना है तो होस में रहेना है,
तो हि सकारात्मक विचारों से
भविष्यका निर्माण कर शकेगे ।
विचारों का नियंत्रण हि निर्माण है ।
विनोद आनंद 24/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1508 विचारों का विज्ञान-1

विचारों का विज्ञान हि
सकारात्मक विचारों का
निर्माण कर शकता है ।
उसे जानोगें, मानोगें और
समजोगें तो होंगे कामीयाब ।
* विचारों निर्माता है व्यक्ति
के भविष्य का जो मन में
पैदा होते है और दिन में
साठ हजार विचार आते है
चाहे अच्छे हो या बूरे,ज्याद
नकारात्मक विचार होते है ।
सजाग रहे कर बूरे विचारों
का अस्वीकार और अच्छे
का स्वीकार करना है ।
* दुनिया में जो भी निर्माण
हुआ है या होगा वो पहेल
विचारों में निर्माण होता है ।
* जो विचार जोस, होस में
आता है और अगर कोई
विरूध्ध विचार न आए तो
वो विचार हकिकत बनता है ।
* उस विचार पर ध्यान दो जो
जो आपको चाहिए, उस पर
ध्यान न दो जो नहि चाहिए ।
* एसा विचार न करो कि में
बिमार नही पडुगा, विचार
करो कि मैं स्वस्थ रहूँगा ।
ओर भी है कुछ बाकी, सब्र
करो ईन्तज़ार करो, धीरज
के फल होते है मीठे । क्रमशः
विनोद आनंद 24/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1418 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-72

🌹 गुलसन
गुलसन गुलसन फूल खिले है
महेकता है जहाँ ।
जंगल जंगल फूल खिले तो
चारों ओर खुशबू हि खुशबू ।
व्यक्ति व्यक्ति फूल बने तो
सारा संसार महेकाए और
खुशियों कि बरसात बरसे ।
🌻खुशियाँ हि खुशियाँ
जैसे मौजे किनारों से टकरा
कर लोट जाती है ।
एसे खुशियाँ जीवन से टकरा कर
लोट जाती है,उसे रोक लेना ।
लेकिन गमों कि लहेरे जीवन में
समाजाती है, उसे लौटा देना ।
तो जीवन में सिर्फ खुशियाँ हि रहेगी ।
🍁 मुरादें
मुरादें पुरी न होतो तो मुर्दा न बनो,
मुरादों का क्या वो तो जन्म लेगी
और पूर्ण भी होगी अगर उमीद को
जिंदा रखोगे तो ।
🌺 लिखता हूँ
मैं यह सोच कर लिखता हूँ
कि मेरी सोच किस पे हावी
हो जाए और मन में बस जाए,
दिल में उतर जाए और जीवन में
प्रगट हो जाए और चमत्कार हो जाए ।
🍀बारूद
छोटी छोटी बातों पे ध्यान दो
वरना एक दिन बारूद बनेगी ।
उसे पहेले उस पर काम करके
मीटा दो कि वो बारूद न बन शके ।
विनोद आनंद 08/12/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1405 तथास्तु

तथास्तु, जो चाहते हो वो देगा ।
आप जैसा सोचोगे या इच्छोगे
या मागोगे तो कुदरत कहेगा
तथास्तु है कुदरत का नियम ।
ईसलिए आप हमेशा अच्छा,
बडा और सकात्मक सोचो
तो तथास्तु का नियम से आप
कि सोच या स्वप्न सच होगा ।
सिर्फ आपको कोशिश करनी है
तथास्तु कामीयाबी दिलाएगी ।
अगर आप छोटा, नकारात्मक
सोचते है तो भी तथास्तु वोही
देगा जो आप सोचते है ईसलिए
कहते है कि जैसा सोचोगे एसे
बनोगे उसमे को शक नही यह
मन और कुदरत का तोफा है ।
आप जैसे लोगों के बारे में
सोचोगे एसे लोग आप के
पास तुम्हे मिलेंगे या एसा
माहोल आपको मिलेगा यह है
लो ओफ एट्रेकषन, सावधान
अपनी सोच और ईच्छा को
बहेतरीन, सकारात्मक बनाओ
तो जीवन बहेतरीन बनेगा ।
अपना कोई आशीर्वाद देता है
और तुम्हारी सोच बदलता है
तब यही तथास्तु काम करता है ।
विनोद आनंद 27/11/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1365 सुखद परिवर्तन

-बदली बदली नज़र आएगी
दुनिया जब बदलेगी द्रष्टि ।
बदलेगी द्रष्टि तो सोच भी
बदलेगी । सोच बदलेगी तो
बदलेगा व्यवहार वाणी कर्म ।
व्यवहार वाणी कर्म बदले
तो फल बदलेगा ।
फल बदले तो सुख शांति
आएगी, कम हो दुःख ।
द्रष्टि बदले तो सब कुछ
बदले और सब कुछ
बदले तो जीवन बदले ।
सब का जीवन बदले
तो बदली बदली नज़र
आए दुनिया ।
नकारात्मक द्रष्टि से
हकारात्मक द्रष्टि बने तो
आए सुखद परिवर्तन ।
सुखद परिवर्तन बने
स्वर्ग कि सीडी ।
विनोद आनंद 04/11/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड